बंगाल की हिंसा पर कथावाचक ने जताई चिंता
Pandit Pradeep Mishra Bengal statement: राजस्थान के रतनगढ़ में चल रही शिव महापुराण कथा के दौरान प्रख्यात कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने देश की वर्तमान परिस्थितियों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “सनातन धर्म से बढ़कर कोई धर्म नहीं है” और आज इसे समझने व अपनाने की सबसे अधिक आवश्यकता है। कथा स्थल पर भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने बंगाल की स्थिति पर चिंता जताई।
बंगाल में हो रही हिंसा,सीएम बैठे-बैठे देख रहीं-कथावाचक
पं. मिश्रा ने पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां “रोज की हिंसा चल रही है और बंगाल की मुख्यमंत्री बैठे-बैठे सब देख रही हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि “हर दिन सनातन धर्म को मानने वालों पर चोट पहुंचाई जा रही है,” जो न केवल निंदनीय है, बल्कि सनातन संस्कृति के मूल्यों पर भी आघात है।

बंगाल में शिव कथा की आवश्यकता-पं. प्रदीप मिश्रा
उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि “बंगाल में भी शिव कथा की आवश्यकता है,” जिससे लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान के साथ-साथ सनातन धर्म की महिमा का बोध हो सके। उन्होंने शिव कथा को सामाजिक और आध्यात्मिक शांति का माध्यम बताया।
सीएम ममता बनर्जी को दिया रतनगढ़ आने का निमंत्रण
पं. मिश्रा ने मंच से ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को खुला निमंत्रण दिया और कहा, “बंगाल की मुख्यमंत्री को बुलाओ, राजस्थान की धूल का तिलक लगाओ, ताकि उन्हें पता चले कि सनातन धर्म क्या है।” उनका कहना था कि जब वे रतनगढ़ आएंगी, तो यहां की संस्कृति और आस्था को देखकर निश्चित ही उनकी सोच में बदलाव आएगा।
बंगाल में धार्मिक जागरूकता की आवश्यकता-पं. प्रदीप मिश्रा
Pandit Pradeep Mishra Bengal statement: अपने संदेश में उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक ऐसी पद्धति है जो प्रेम, करुणा, सहिष्णुता और सत्य के मार्ग पर चलना सिखाती है। बंगाल जैसे क्षेत्रों में जहां हिंसा और अशांति फैली हुई है, वहां इस प्रकार की धार्मिक जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
