Pandit Prabhakar Karekar Passed Away: मशहूर शास्त्रीय गायक पंडित प्रभाकर कारेकर का 80 की उम्र में बुधवार रात को आखिरी सांस ली। गोवा में जन्मे प्रभाकर कारेकर के परिवार ने बताया कि पंडित प्रभाकर कारेकर ने मुंबई में शिवाजी पार्क स्थित अपने आवास निधन हो गया। कुछ समय से बीमार चल रहे थे।

पंडित प्रभाकर कारेकर का पार्थिव शरीर आज दादर स्थित उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। परिजनों और चाहने वालों को उन्हें अंतिम बार देखने का मौका मिलेगा। इसके बाद, आज शाम 5 बजे दादर के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह दुखद घड़ी उनके परिवार और संगीत जगत के लिए बड़ी क्षति है।
पंडित प्रभाकर कारेकर गोवा में हुआ था जन्म
पंडित प्रभाकर कारेकर का जन्म 1944 में गोवा में हुआ था। लेकिन उन्होंने शास्त्रीय संगीत की शिक्षा पंडित सुरेश हल्दांकर, पंडित जितेंद्र अभिषेकी और पंडित सीआर व्यास दिग्गजों से प्राप्त किया था।

पंडित प्रभाकर बोलावा”बोलवा विट्ठल पाहावा विट्ठल” और “वक्रतुंड महाकाय” जैसे उनके गायन के लिए जाने जाते थे। उत्कृष्ट गायक और शिक्षक के रूप सम्मानित कारेकर ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) और दूरदर्शन पर ग्रेडेड कलाकार के रूप में परफॉर्म करते थे।
Pandit Prabhakar Karekar Passed Away: गोवा के सीएम ने दी श्रद्धांजलि

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पंडित प्रभाकर कारेकर को श्रद्धांजलि देते हुए एक्स अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि- ‘हिंदुस्तानी शास्त्रीय और अर्ध शास्त्रीय गायक पंडित प्रभाकर कारेकर के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ।
गोवा के अंत्रुज महल में जन्मे, पंडित जितेंद्र अभिषेकी के संरक्षण में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत सीखा। दुनिया भर में विभिन्न मंचों पर प्रदर्शन किया। उन्होंने गोवा में शास्त्रीय संगीत के संरक्षण और विस्तार में बहुत योगदान दिया।
उनकी संगीत विरासत उनके शिष्यों और प्रशंसकों के साथ जारी रहेगी। परिवार, अनुयायियों, शुभचिंतकों और छात्रों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को सद्गति प्रदान करें। ओम शांति।”
Saddened to learn about the demise of Hindustani Classical & Semi Classical vocalist Pandit Prabhakar Karekar.
Born in Antruz Mahal Goa, learnt the Hindustani Classical Music under the tutelage of Pandit Jitendra Abhisheki. Performed at various platforms all over the globe. He… pic.twitter.com/28olOtmuCx
— Dr. Pramod Sawant (@DrPramodPSawant) February 13, 2025
इन पुरस्कारों से हुए थे सम्मानित
पंडित प्रभाकर को उन्हें तानसेन सम्मान, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और गोमंत विभूषण जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त, कारेकर ने ऑर्नेट कोलमैन और सुल्तान खान के साथ फ्यूजन संगीत में भी अपना हाथ आजमाया था।
वह आकाशवाणी के मान्यताप्राप्त कलाकार थे। दिल्ली से प्रसारित होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रमों और संगीत सम्मेलनों में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरते थे। उन्हें आकाशवाणी के विभिन्न केंद्रों से भी गाने का अवसर भी मिला। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, इटली और कई अन्य देशों में भी अपने संगीत का जादू बिखेरा।
