Pan Singh Tomar Granddaughter Assault : 4 सेकेंड में जड़ दिए 7 थप्पड़, स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे थे
Pan Singh Tomar Granddaughter Assault : झांसी के बबीना थाना क्षेत्र में बुधवार को उस समय हंगामा हो गया जब मशहूर एथलीट और बागी रहे पान सिंह तोमर की नातिन सपना तोमर ने बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) वैभव रावत को 4 सेकेंड में 7 थप्पड़ मार दिए। यह पूरा मामला कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और वीडियो वायरल होते ही पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया।
स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे थे JE
घटना झांसी की पंजाबी कॉलोनी की है, जहां बिजली विभाग की टीम पुराने मीटर को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची थी। टीम के साथ स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के ठेकेदार और JE वैभव रावत भी मौजूद थे। लेकिन जैसे ही टीम पान सिंह तोमर के बेटे शिवराम सिंह के घर पहुंची, उनकी बेटी सपना तोमर ने मीटर बदलने से साफ इनकार कर दिया।
स्मार्ट मीटर को लेकर बहस से मारपीट तक
सपना का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं है, जबकि JE ने शासनादेश का हवाला दिया। इस पर दोनों के बीच बहस तेज हो गई। JE का आरोप है कि आदेश दिखाने के लिए जैसे ही उन्होंने मोबाइल निकाला, सपना ने फोन छीनकर ज़मीन पर फेंक दिया और उन पर थप्पड़ों की बारिश कर दी।
वीडियो में कैद घटना
टीम में मौजूद एक कर्मचारी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि सपना तोमर ने लगातार 7 थप्पड़ मात्र 4 सेकेंड में JE के चेहरे पर मारे, जिससे वे संभल नहीं पाए। उसके बाद उन्होंने JE की पीठ पर मुक्के भी मारे।
पुलिस ने दर्ज किया केस
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीओ शिव कुमार कुशवाहा और कंपनी के कर्मचारी बबीना थाने पहुंचे और सपना तोमर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय ने बताया कि आरोपी महिला पर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कौन हैं सपना तोमर?
सपना तोमर, भारत के मशहूर बागी और एथलीट पान सिंह तोमर की नातिन हैं। पान सिंह के बेटे शिवराम सिंह सेना से रिटायर्ड सूबेदार हैं और लंबे समय से झांसी में रह रहे हैं। जमीन विवाद और रंजिश के कारण उन्होंने गांव छोड़ा था।
जोने कौन है पान सिंह तोमर
पान सिंह तोमर भारतीय सेना के सूबेदार और राष्ट्रीय एथलीट थे, जिन्होंने स्टेपलचेज़ में सात बार राष्ट्रीय चैम्पियनशिप जीतकर भारत का एशियन गेम्स में प्रतिनिधित्व किया। उनका जन्म 1 जनवरी 1932 को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में हुआ था। सेना में रहते हुए वे देश के बेहतरीन धावक बने, लेकिन रिटायरमेंट के बाद जमीनी विवाद में प्रशासन से न्याय न मिलने पर मजबूरन बंदूक उठाकर बागी बन गए। 1981 में पुलिस मुठभेड़ में उनकी मौत हो गई। उनकी जिंदगी पर आधारित फिल्म “पान सिंह तोमर” 2012 में बनी, जिसमें इरफान खान ने मुख्य भूमिका निभाई।
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