Pamchkuian Temple Mp: इंदौर का एक ऐसा मंदिर जहां हजारों की संख्या में एक साथ तोते मंदिर में आते हैं। इंदौर के पश्चिम क्षेत्र में करीब 200 साल पुराना पंचकुइयां श्री राम मंदिर है। यहां सुबह के समय हरी चादर की तरह मंदिर परिसर दिखाई देता है, क्योकि बड़ी संख्या में तोते यहां हर रोज आते हैं, चाहे मौसम जैसा भी हो।
तोतो को हर रोज खिलाया जाता है ज्वार
इस मंदिर में रहने वाले पुजारी सहित सेवक प्रतिदिन सुबह तोतों के लिए ज्वार डालते है। सुबह करी 5.30 बजे ज्वार डालना शुरु किया जाता है। इसके बाद धीरे- धीरे तोते वहां इकठ्ठे हो जाते हैं। यह दृश्य बेहद अद्भुत और अनोखा माना जाता है। मंदिर में तोते की कलरव धोनी पूरे मंदिर में गूंजने लगती है।

श्रावण मास में और संख्या में तोते नजर आते है। तोते आते हैं, बाजरे का सेवन करते हैं और वापस उड़ जाते है। कुछ तोते मंदिर के गुंबद पर लगे ध्वज पर बैठ जाते है। वहीं बाकी सब मंदिर परिसर पर आकर डेरा जमा लेते हैं। जैसे ही ज्वार खत्म होता है। फिर सब अपनी मंजिल की ओर लौट जाते हैं।
इस जगह का नाम पंचकुईयां क्यों?
स्थानीय निवासी बताते हैं कि, पंचकुइयां क्षेत्र में संतों ने बहुत तपस्या करते थे, इसे तपोभूमि भी कहा जाता है। यहां तपस्या करने वाले संतों ने पांच कुंए बनाए थे, तब होलकर राजा ने इस क्षेत्र का नाम पंचकुईयां रख दिया था।

इस मंदिर परिसर में हरियाली भी है, यहां तोते के अलावा अलग – अलग कई तरह के पक्षी यहां रहते हैं। लेकिन सबसे ज्यादा तोते ही नजर आते हैं।
तोतों के रुप में आते हैं संत!
इस मंदिर में शहरभर से तोते रोज आते हैं। कहा जाता है कि, यह तोते संत है, जो पहले यहां तपस्या किया करते थे। यहां प्रतिदिन तोतें आते हैं, ज्वार का सेवन करते हैं।
सेवक ज्वार डालने से पहले उसकी अच्छे से जांच करते हैं कि, वो खराब तो नहीं हुआ।
