Pakistan Train Hijack: पाकिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने जाफर एक्सप्रेस पर हमला कर उसे हाईजैक कर लिया। अब तक 11 पाकिस्तानी सैनिक मारे जा चुके हैं, और एक ड्रोन भी मार गिराया गया है। BLA ने बयान जारी कर बताया कि 182 पैसेंजर्स को बंदी बना रखा है। इससे पहले BLA ने 100 से ज्यादा यात्रियों को बंधक बनाने की बात कही थी।
BLA ने बयान में ये भी बताया कि BLA Army का अब भी जाफर एक्सप्रेस पर पूरी तरह नियंत्रण बना हुआ है। बता दे कि, ये हमला क्वेटा से पेशावर के रूट पर बलूचिस्तान के बोलान जिले के माशकाफ इलाके में हुआ।
पहाड़ी इलाके में BLA ने किया अटैक
बलोच लिबरेशन आर्मी ने बोलान के माशकाफ में जिस जगह हमला किया वह पहाड़ी इलाका है। यहां 17 सुरंगें हैं, इसलिए ट्रेन को धीमी स्पीड पर चलाना पड़ता है। इसका फायदा उठाकर BLA ने ट्रेन पर हमला कर दिया।
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बलोच आर्मी ने माशकाफ में टनल नंबर-8 में रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया। इससे जाफर एक्सप्रेस डिरेल हो गई। इसके बाद BLA ने फायरिंग कर दी। फायरिंग में ट्रेन का ड्राइवर भी घायल हुआ है।
Pakistan Train Hijack: ट्रेन में थे ISI के एजेंट्स
जाफर एक्सप्रेस में सुरक्षाबलों, पुलिस और ISI के एजेंट्स सफर कर रहे थे। सभी पंजाब जा रहे थे। इन्होंने BLA के हमले का जवाब भी दिया। लेकिन BLA ने ट्रेन पर कब्जा कर लिया। इस दौरान 11 सुरक्षाकर्मी मारे गए।
जैसे ही घटना की जानकारी पाकिस्तान आर्मी को मिली उन्होंने BLA पर जमीनी फायरिंग की और हवा से बम भी बरसाए। लेकिन BLA लड़ाकों ने आर्मी के जमीनी ऑपरेशन को रोक दिया।
इसके बाद पाकिस्तान आर्मी ने इस इलाके की ओर एक ट्रेन रवाना की, जिसमें मदद के लिए सैनिकों को भेजा गया है। पाकिस्तान के मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि हम ऐसे जानवरों से कोई समझौता नहीं करेंगे, जिन्होंने बेकसूर लोगों पर गोलीबारी की।
पिछले साल भी हुआ था हमला
पिछले साल 25 और 26 अगस्त 2024 की दरमियानी रात BLA ने इसी ट्रेन के रूट में कोलपुर और माच के बीच एक ब्रिज को उड़ाया था। इसके चलते ट्रेन की सर्विस बंद कर दी गई थी। 11 अक्टूबर 2024 से यहां ट्रेन सर्विस फिर से शुरू हुई।
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी क्या है
Pakistan Train Hijack: बलूचिस्तान के लोगों का मानना है कि भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद वे एक आजाद देश के तौर पर रहना चाहते थे। लेकिन उनकी मर्जी के बिना उन्हें पाकिस्तान में शामिल कर दिया गया था। इस वजह से बलूचिस्तान में सेना और लोगों का संघर्ष आज भी जारी है।
