महिलाओं और बच्चों को बंधक बनाया, शव सौंपने से किया इनकार
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के खुर्रम जिले में जारी हिंसा में गुरुवार से मरने वालों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है, जबकि 156 लोग घायल हुए हैं। मारे गए लोगों में 16 सुन्नी और 66 शिया थे। हमलावरों ने महिलाओं और बच्चों सहित कई लोगों को बंधक बना लिया है और शव सौंपने से इनकार कर रहे हैं।
खैबर पख्तूनख्वा के मंत्री आफताब आलम ने कहा, ‘हमारा आज का पहला प्रयास दो समूहों के बीच संघर्ष विराम हासिल करना है। जैसे ही ऐसा होगा, हम दोनों पक्षों के बीच एक समझौते पर पहुंचने की कोशिश करेंगे। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, लड़ाई अभी भी जारी है। दोनों गुटों के बीच छिटपुट गोलीबारी जारी है।
गुरुवार को खुर्रम जिले के मंदूरी और ओछाट में 50 से अधिक यात्री वैन पर गोलीबारी की गई, जिससे छह वैन को भारी नुकसान पहुंचा था। ये सभी वाहन काफिले में परचिनार से खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर जा रहे थे। अफगानिस्तान की सीमा से लगे शिया बहुल कुर्रम जिले में अलीजई (शिया) और बागान (सुन्नी) कबीलों के बीच दशकों से संघर्ष चल रहा है।
सीमा विवाद के चलते आतंकियों की पनाहगाह बन चुके खैबर पख्तूनख्वा को लेकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हमेशा तनाव बना रहता है। इस वजह से कई आतंकी समूह इसे पनाहगाह की तरह इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा यहां रह रहे आदिवासियों के बीच काफी समय से जमीन विवाद चल रहा है।

यहां होने वाली आतंकी घटनाओं की मुख्य वजह सीमा क्षेत्र को लेकर दोनों देशों के बीच आपसी सहमति का अभाव है। वास्तव में, पाकिस्तान और अफगानिस्तान एक सीमा से अलग हैं। इसे डूरंड रेखा कहा जाता है। पाकिस्तान इसे सीमा रेखा मानता है, लेकिन तालिबान का साफ कहना है कि पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा राज्य इसका हिस्सा है। पाकिस्तानी सेना ने यहां कंटीले तार लगा दिए हैं।
