पाक रक्षामंत्री का अल्टीमेटम: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने एक सख्त चेतावनी दी है: अगर अफगानिस्तान के साथ चल रही सीजफायर वार्ता सफल नहीं हुई, तो “खुली जंग” के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचेगा। यह बयान ऐसे वक्त आया है जब इस्तांबुल में दोनों पक्ष शांति बनाए रखने के तरीकों पर बातचीत कर रहे हैं।

मामला क्या है
कुछ हफ्तों पहले सीमा पर भारी झड़पें हुईं, जिनमें दर्जनों लोगों की मौत की खबरें आईं और दोनों तरफ तनाव चरम पर पहुँच गया। दोहा में हुई पहली वार्ता के बाद एक अस्थायी सीजफायर कायम हुआ था, जिसे अब टिकाऊ बनाने के लिए इस्तांबुल में दूसरी दौर की बातचीत चल रही है। पाकिस्तान का कहना है कि उसे टीटीपी और अन्य आतंकियों की गतिविधियों के लिए अफगान धरती के इस्तेमाल से खतरा है; वहीं तालिबान और काबुल की ओर से ऐसे आरोप नकारे जाते रहे हैं।
आसिफ का बयान
आसिफ ने टेलीविजन पर कहा कि यदि इस दौर की वार्ता बेनतीजा रही तो पाकिस्तान के पास “खुली जंग” का विकल्प मौजूद है। उन्होंने माना कि अभी तक चार-पाँच दिन से सीजफायर बना हुआ है और दोनों पक्ष शांति की इच्छा दिखा रहे हैं, पर बात असफल रही तो हालात बदल सकते हैं। यह बयान कड़वा अलर्ट है — कूटनीति के साथ-साथ सैन्य विकल्प भी रेखांकित कर दिए गए हैं
क्या संकेत हैं शांति या फिर तनाव?
बयान के बावजूद कई रिपोर्ट बताती हैं कि दोनों पक्ष फिलहाल बातचीत में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं और स्थानीय स्तर पर भी शांतिपूर्ण संकेत दिख रहे हैं। पर चुनौती यह है कि सीमा पर देखा गया हिंसक दौर न सिर्फ सैनिक क्षमता पर बल्कि नागरिक जीवन और सीमा पार आर्थिक गतिविधियों पर भी भारी असर डालता है। इसलिए छोटे-छोटे घटनाक्रम भी बड़े राजनीतिक फैसलों को जन्म दे सकते हैं
संभावित परिणाम क्या होना है?
वार्ता सफल रही तो: सीमा पर शांति, मानकीकृत निगरानी तंत्र और द्विपक्षीय समझौते से ताजा हिंसा थमी रह सकती है। पाकिस्तान की ताकत-प्रदर्शन, हवाई या सीमापार कार्रवाई और सीमाओं पर लंबी अवधि की जंग जैसी स्थिति बन सकती है जिसका प्रभाव सीधे नागरिकों, तस्करी व व्यापार पर दिखेगा।
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