pakistan abdali missile test : पाकिस्तान ने मिसाइल का परीक्षण कर भारत को दी चुनौती!
pakistan abdali missile test : पाकिस्तान ने 3 मई 2025 को अब्दाली हथियार प्रणाली, एक 450 किलोमीटर रेंज की सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल का सफल प्रशिक्षण प्रक्षेपण किया। यह परीक्षण 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच हुआ, जिसमें 26 लोग, ज्यादातर पर्यटक, मारे गए थे। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान प्रायोजित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) को जिम्मेदार ठहराया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव चरम पर है।
अब्दाली मिसाइल परीक्षण: समय और मंशा
पाकिस्तान की सेना ने इस प्रक्षेपण को “अभ्यास इंडस” का हिस्सा बताया, जिसका उद्देश्य सैनिकों की परिचालन तत्परता सुनिश्चित करना और मिसाइल की उन्नत नेविगेशन प्रणाली व गतिशीलता सुविधाओं को मान्य करना था। परीक्षण के दौरान सेना सामरिक बल कमान के कमांडर, सामरिक योजना प्रभाग के वरिष्ठ अधिकारी, और पाकिस्तान के सामरिक संगठनों के वैज्ञानिक व इंजीनियर मौजूद थे।
कसावे की लापरवाही भरी कार्रवाई
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, और सेना प्रमुखों ने इस सफलता पर सैनिकों और वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और न्यूनतम निवारण क्षमता का प्रतीक बताया। हालांकि, भारतीय खुफिया सूत्रों ने इस परीक्षण को “उकसावे की लापरवाही भरी कार्रवाई” करार दिया, जिसका मकसद भारत पर दबाव बनाना है।
यह मिसाइल परीक्षण भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने, अटारी सीमा बंद करने, और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने जैसे कड़े कदमों के बाद हुआ है।
पहलगाम हमला: तनाव की जड़
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरण घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर हिंदू पर्यटक थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की प्रारंभिक रिपोर्ट में इस हमले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और लश्कर-ए-तैयबा के बीच गठजोड़ की बात सामने आई है। दो आतंकवादी पाकिस्तानी नागरिक बताए गए हैं। हमले के मास्टरमाइंड हाशिम मूसा के पाकिस्तान भागने की आशंका है, जिसके सिर पर 20 लाख रुपये का इनाम है।
भारत ने इस हमले को 2008 के मुंबई हमलों की तरह नागरिकों पर लक्षित हमला बताया, जिसके बाद उसने कड़े कूटनीतिक कदम उठाए। इनमें पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारियों को कम करना, अटारी सीमा बंद करना, और सिंधु जल संधि को निलंबित करना शामिल है।
नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी और मिसाइल टेस्ट
पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर लगातार नौ रातों तक संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। पिछले सप्ताह में 51 बार गोलीबारी दर्ज की गई। भारत ने इसका माकूल जवाब दिया। इस बीच, पाकिस्तान ने अब्दाली मिसाइल का परीक्षण कर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया। यह चौथा मौका है जब पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तान ने NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी किया, जो मिसाइल परीक्षण की संभावना दर्शाता है।
जवाबी कार्रवाई में भारत की रणनीति
भारत ने पहलगाम हमले के बाद कड़े कदम उठाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवादियों और उनके समर्थकों के खिलाफ “कठोरतम जवाब” दिया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा सचिव के साथ बातचीत में पाकिस्तान को “वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश” बताया। भारतीय वायुसेना ने भी उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे पर राफेल, सुखोई, और जगुआर विमानों के साथ नाइट लैंडिंग अभ्यास कर अपनी तत्परता दिखाई।
भारत ने कूटनीतिक स्तर पर भी दबाव बनाया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के नेताओं से तनाव कम करने की अपील की, लेकिन भारत के प्रति अमेरिका का समर्थन स्पष्ट है।
अब्दाली मिसाइल: तकनीकी और रणनीतिक महत्व
450 किलोमीटर रेंज वाली अब्दाली मिसाइल पाकिस्तान के सामरिक शस्त्रागार का हिस्सा है। यह मिसाइल उन्नत नेविगेशन और गतिशीलता सुविधाओं से लैस है, जो इसे सटीक हमलों के लिए उपयुक्त बनाती है। इसका परीक्षण भारत के प्रमुख शहरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता का प्रदर्शन है।
हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि यह परीक्षण अधिक कूटनीतिक और मनोवैज्ञानिक दबाव का हिस्सा है। भारत की मिसाइल रक्षा प्रणाली, जैसे S-400, और उन्नत लड़ाकू विमान इसे बेअसर करने में सक्षम हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने दावा किया कि उनका देश तनाव नहीं बढ़ाना चाहता, लेकिन “उकसावे” पर कड़ा जवाब देगा। कतर, सऊदी अरब, और कुवैत ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस, जो हमले के समय भारत में थे, ने पाकिस्तान से आतंकवादियों पर कार्रवाई करने को कहा। पाकिस्तान ने हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया और एक “स्वतंत्र जांच” की मांग की, लेकिन भारत ने इसे खारिज कर दिया।
आगे क्या?
पाकिस्तान का अब्दाली मिसाइल परीक्षण और नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है। भारत की कूटनीतिक और सैन्य तैयारियां, जैसे गंगा एक्सप्रेसवे पर नाइट लैंडिंग और मिसाइल रक्षा प्रणाली का विकास, पाकिस्तान के लिए स्पष्ट संदेश हैं।
क्या यह तनाव युद्ध की ओर बढ़ेगा, या कूटनीति से समाधान निकलेगा? अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर अमेरिका और खाड़ी देश, तनाव कम करने की कोशिश में हैं, लेकिन दोनों देशों की सख्त रुख से स्थिति जटिल बनी हुई है।
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