अफगान बॉर्डर के पास पाकिस्तानी आर्मी कैंप पर हमला: TTP ने ली जिम्मेदारी
हमले की आवाज़ जो सरहद पार तक गूंज गई
pak army camp suicide attack: उत्तर वज़ीरिस्तान के मीर अली क्षेत्र में शनिवार सुबह अचानक धमाका हुआ। कुछ ही मिनटों में चीखें, गोलियों की आवाज़ और धुएं के गुबार से इलाका भर गया। ये हमला सिर्फ एक फौजी कैंप पर नहीं था, बल्कि पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा पर फिर से एक सीधा हमला था।
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गाड़ी में भरे विस्फोटक से जब हमलावर ने आर्मी कैंप की दीवार टकराई, तो चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। धमाके में 7 सैनिकों की मौत हो गई और 13 घायल हुए। घायल जवानों को हेलिकॉप्टर से इलाज के लिए रवाना किया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पूरे इलाके में तबाही का मंजर दिखा।
इस पूरे हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने ली है। उनका दावा है कि खालिद बिन वलीद दस्ते ने इस हमले को अंजाम दिया। इसके बाद तीन आतंकी कैंप के अंदर घुसने की कोशिश में मारे गए।
pak army camp suicide attack: आखिर कब रुकेगा ये सिलसिला?
पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने सेना की प्रतिक्रिया की तारीफ की और जवानों को “बहादुर” बताया। मगर ये एक कड़वी सच्चाई है कि इस तरह के हमले अब सामान्य बनते जा रहे हैं।
2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद TTP के हमलों में तेज़ी आई है। ये आतंकी संगठन सीमावर्ती इलाकों में बार-बार पाक सुरक्षाबलों को निशाना बना रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि इन हमलों में शामिल आतंकी अफगान सीमा पार से ट्रेनिंग लेकर आते हैं, जबकि अफगान सरकार इससे इनकार करती है।
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pak army camp suicide attack: लोगों में डर और फौज पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर लोगों को डरा दिया है। सवाल ये है कि बार-बार सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा में चूक क्यों हो रही है? सैनिक अपनी जान देकर देश की रक्षा कर रहे हैं, लेकिन क्या रणनीतिक स्तर पर कोई कमी रह गई है?

