साइकिल का हैंडल पेट में घुसा, परिवार ने दान की आंखें

MP NEWS: मध्यप्रदेश के इंदौर से दर्दनाक खबर सामने आई है.जहां साइकल चलाते हुए एक 11 साल के बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई.बच्चा जब साइकल चला रहा था तभी साइकल का हैंडल बच्चे के पेट में घुस गया.जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.वही बच्चे के निधन के बाद परिजनों ने बच्चे की आंखों को दान कर दिया.
MP NEWS:साइकल चलाते बच्चे की मौत
बताया जा रहा है.कि बच्चा जब स्कूल से लौट कर शाम को दोस्तों के साथ कॉलोनी में साइकिल चला रहे एक बालक की गिरने से मौत हो गई। साइकिल का हैंडल उसके पेट में जा घुसा और लिवर फट जाने से उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इकलौते बेटे कृष्णारावत की मौत के बाद माता-पिता ने परोपकारी निर्णय लेते हुए बच्चे की आंखें दान कर दी।
MP NEWS:बच्चे की आंखे की दान
बच्चे के पिता निजी कंपनी में जॉब करते हैं। उसके दोस्तों ने जब परिजन को बताया तो वे वत्सल को लेकर चोइथराम हॉस्पिटल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कम उम्र के बच्चों की अचानक हुई मृत्यु से जिन परिवारों पर दुख का पहाड़ टूटा था, उन्होंने ऐसे विकट समय में भी परोपकार की मिसाल कायम की। गुरुवार को शहर में चार नेत्रदान हुए। इनमें से तीन कम उम्र के बच्चे और युवतियां हैं। पहला देह व नेत्रदान रमणलाल जैन खजांची के परिजन ने उनकी मृत्यु उपरांत किया। खजांची परिवार में यह चौथा देहदान है। कशिश वाधवानी एक होस्टल में हादसे का शिकार हुई। उनके परिजन ने भी नेत्र दान किए। वहीं सुरभि गुप्ता की स्मृति को बनाए रखने के लिए परिजन ने उसके नेत्र दान किए।
