pahalgam terrorists hiding in kashmir : पहलगाम आतंकी अभी भी कश्मीर में छिपे हैं! अमेरिका ने भारत का साथ दिया
pahalgam terrorists hiding in kashmir : पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद से सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार, पहलगाम हमले के दोषियों में से कुछ आतंकवादी अभी भी कश्मीर में छिपे हुए हैं। शुक्रवार को खुफिया एजेंसियों ने बताया कि ये आतंकवादी दक्षिण कश्मीर के जंगलों में छिपे हैं और उनके पास खाने-पीने का पर्याप्त सामान है, जिसकी वजह से वे पहाड़ी इलाकों में लंबे समय तक रह सकते हैं।
पहलगाम हमले का संक्षिप्त इतिहास
22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन क्रीक में हुए आतंकवादी हमले में 26 पर्यटकों की मृत्यु हो गई थी, जबकि 17 लोग घायल हो गए थे। यह हमला भारत के लिए एक बड़ा झटका था और इसने देश भर में रोष की लहर पैदा कर दी थी। हमले के बाद से सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को ढूंढने के लिए व्यापक ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं।
खुफिया एजेंसियों का खुलासा
खुफिया सूत्रों के अनुसार, पहलगाम हमले के दोषियों में से कुछ आतंकवादी अभी भी दक्षिण कश्मीर के जंगलों में छिपे हुए हैं। इन आतंकवादियों के पास खाने-पीने का पर्याप्त सामान है, जिसकी वजह से वे पहाड़ी इलाकों में लंबे समय तक रह सकते हैं। यह खबर सुरक्षा बलों के लिए एक चुनौती है, क्योंकि पहाड़ी इलाके ऑपरेशन करने में काफी मुश्किल होते हैं।
अमेरिका का समर्थन
इस बीच, अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कहा है कि वह प्रधानमंत्री मोदी को पूरा सहयोग देंगे। यह बयान भारत के लिए एक बड़ा समर्थन है और इससे देश की सुरक्षा व्यवस्था में मजबूती आएगी।
पाकिस्तानी नागरिकों का भारत से निष्कासन
दूसरी ओर, 14 प्रकार के वीजा रखने वाले पाकिस्तानी नागरिकों के लिए भारत छोड़ने की अंतिम तिथि 29 अप्रैल थी। अटारी सीमा पर करीब 70 पाकिस्तानी नागरिक फंसे हुए थे। भारत और पाकिस्तान दोनों ओर से सीमा बंद है, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है।
पाकिस्तान की सैन्य तैनाती
गुरुवार को, पाकिस्तान ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर अग्रिम चौकियों पर सेना तैनात कर दी है। इसमें चीन से प्राप्त तोपें भी शामिल हैं। यह कदम भारत के लिए एक चुनौती है और सीमा पर तनाव बढ़ा सकता है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) प्रमुख सदानंद दाते गुरुवार दोपहर पहलगाम पहुंचे और बसारन में तीन घंटे तक रुके। उनका दौरा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए important था।
पाकिस्तान की अपील
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने अमेरिका से अपील की है कि वह भारत पर जिम्मेदारी से व्यवहार करने और बयानबाजी कम करने के लिए दबाव डाले। शरीफ ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से यह भी कहा कि भारत का भड़काऊ रुख क्षेत्रीय स्थिति को और खराब कर सकता है। यह अपील पाकिस्तान की ओर से एक रणनीतिक कदम है, जिससे कि अमेरिका पर दबाव बनाया जा सके।
भविष्य की चुनौतियां
भविष्य में भारत को पहलगाम हमले के दोषियों को ढूंढने और उन्हें सजा दिलाने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। दक्षिण कश्मीर के जंगलों में छिपे आतंकवादियों को ढूंढना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन भारतीय सुरक्षा बल इस चुनौती को स्वीकार कर चुके हैं। अमेरिका का समर्थन भारत के लिए एक बड़ी ताकत है और इससे देश की सुरक्षा व्यवस्था में मजबूती आएगी।
पहलगाम हमले के बाद से भारत ने कई कदम उठाए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। खुफिया एजेंसियों के खुलासे के बाद से आतंकवादियों को ढूंढने के लिए ऑपरेशन जारी हैं। अमेरिका का समर्थन भारत के लिए एक बड़ी ताकत है और इससे देश की सुरक्षा व्यवस्था में मजबूती आएगी। भविष्य में भारत को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखनी होगी और पाकिस्तान के साथ सीमा पर तनाव को कम करने के लिए कदम उठाने होंगे।
