भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग: देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर हर की पौड़ी से यात्रा शुरू हुई और 25 दिन बाद यात्रा मथुरा में समाप्त होगी भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने, गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने, हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित किए जाने की मांग को लेकर गायिका कवि सिंह ने हरकी पैड़ी पर विधिविधान से पूजा-अर्चना कर अपनी हिंदूराष्ट्र पदयात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने मां गंगा का आशीर्वाद लेकर हरिद्वार से मथुरा के लिए यात्रा शुरू की।
भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग
पदयात्रा के शुभारंभ पर कवि सिंह ने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना, गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना और हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित कराना उनका मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि इन मांगों को लेकर वह निरंतर पदयात्रा कर समाज में जनजागरण कर रही हैं।
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भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग: हरिद्वार से श्रीकृष्ण जन्मभूमि तक जाएगी यात्रा
दूसरे चरण की यह यात्रा हरिद्वार से शुरू होकर मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि तक जाएगी, जहां भगवान श्रीकृष्ण को गंगाजल अर्पित कर यात्रा का समापन किया जाएगा। कवि सिंह ने कहा कि 25 दिनों तक चलने वाली इस पदयात्रा के दौरान वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगी और उपवास पर रहेंगी।उन्होंने यह भी बताया कि यात्रा के प्रथम चरण में उन्हें हिंदू धर्मावलंबियों का पूर्ण समर्थन मिला था और लक्ष्य पूरा होने तक जनजागरण जारी रहेगा।
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पदयात्रा सरकार को जगाने का प्रयास
इस अवसर पर अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कवि सिंह के अभियान को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से शुरू हो रही यह पदयात्रा सरकार को जगाने का काम करेगी।
हिंदूराष्ट्र पदयात्रा की मांगे
श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण, गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किया जाए, हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया जाए, देश के सभी स्कूलों और यूनिवर्सिटी में वेदों व धार्मिक ग्रंथों की शिक्षा। सभी हिंदू तीर्थस्थलों पर केवल हिंदुओं को दुकान लगाने की अनुमति। सभी तीर्थस्थलों को मांस-मदिरा मुक्त किया जाए।
पदयात्रा का मार्ग
यात्रा के दौरान हरिद्वार, बहादराबाद, शेरपुर, मंगलौर, मनकी, छापर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, वृंदावन होते हुए 10 जनवरी 2026 को मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचेगी, जहां यात्रा का समापन किया जाएगा।
