मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 33.88 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। इन विकास कार्यों में पर्यटन विभाग के लिए 12.49 करोड़ रुपये के लोकार्पण और 21.39 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। यह पहल पचमढ़ी को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
राजा भभूत सिंह जनजातीय गौरव का प्रतीक
पचमढ़ी में आयोजित कैबिनेट बैठक को राजा भभूत सिंह की स्मृति को समर्पित किया गया, जिन्हें नर्मदांचल का शिवाजी कहा जाता है। राजा भभूत सिंह ने 1857 की क्रांति में तात्या टोपे के साथ मिलकर ब्रिटिश सेना के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध लड़ा था। उन्होंने सतपुड़ा की घाटियों में स्वतंत्रता संग्राम को प्रज्वलित किया और जनजातीय समाज को संगठित कर ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पचमढ़ी में तात्या टोपे और राजा भभूत सिंह ने आठ दिनों तक शिविर लगाकर स्वतंत्रता संग्राम की रणनीति तैयार की थी। इस ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के लिए अभ्यारण्य और कॉलेज का नामकरण उनके नाम पर किया गया है।
इसके अलावा, जनजाति संग्रहालय के निर्माण से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। यह संग्रहालय जनजातीय समाज की कला, संस्कृति, और इतिहास को संरक्षित करने के साथ-साथ पर्यटकों को आकर्षित करने में भी मदद करेगा।
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CM Pachmarhi Announcement: विकास की सौगात
मुख्यमंत्री ने पचमढ़ी को पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए कई सौगातें दीं। कुल 33.88 करोड़ रुपये की परियोजनाओं में निम्नलिखित कार्य शामिल हैं:
लोकार्पण (12.49 करोड़ रुपये):
- जटाशंकर और पांडव गुफाओं में पिंक टॉयलेट लाउंज: महिला सशक्तिकरण पहल के तहत 19 लाख रुपये की लागत से निर्मित।
- पचमढ़ी प्रवेश द्वार का सौंदर्यीकरण: 35 लाख रुपये की लागत से पूरा हुआ।
- सतपुड़ा रिट्रीट में सुधार: रसोई, रेस्तरां, और नवनिर्मित स्विमिंग पूल का नवीनीकरण, जिसकी लागत 1.35 करोड़ रुपये है।
- हांडी खो पर पर्यटक सुविधाएं: 1.98 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कार्य।
भूमिपूजन (21.39 करोड़ रुपये):
- जयस्तंभ क्षेत्र में पथ विकास: सड़कों के दोनों ओर पथ निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये की परियोजना।
- धूपगढ़ जलापूर्ति योजना: पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन और पंप हाउस सुविधा।
- अन्य पर्यटन विकास कार्य: पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं और बुनियादी ढांचे का विकास।
ये परियोजनाएं पचमढ़ी को पर्यटन के नक्शे पर और अधिक आकर्षक बनाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पचमढ़ी को देश का सबसे अच्छा पर्यटन केंद्र बनाने का लक्ष्य है, और इन विकास कार्यों से इस दिशा में तेजी आएगी।
CM Pachmarhi Announcement: ऐतिहासिक महत्व को बढ़ावा
पचमढ़ी, जिसे सतपुड़ा की रानी के नाम से जाना जाता है, न केवल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह जनजातीय समाज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा भभूत सिंह ने पचमढ़ी के पहाड़ी क्षेत्र का उपयोग शासन, सुरक्षा, और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए किया था। उनकी वीरता और नेतृत्व को याद करने के लिए यह कैबिनेट बैठक आयोजित की गई।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने स्थानीय आम उत्पादक किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय समुदाय को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
