गोवा नाइटक्लब त्रासदी में इंजीनियर सौरभ लूथरा पर गंभीर सवाल
Goa Nightclub Saurabh Luthra: गोवा के अर्पोरा इलाके में शनिवार देर रात लगे भीषण आग ने 25 लोगों की जान ले ली। रातभर चले राहत कार्यों और सुबह तक सामने आए तपती राख के बीच अब जांच की दिशा उस व्यक्ति तक पहुंच गई है, जो इस नाइटक्लब के संचालन से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है सौरभ लूथरा।

राज्य सरकार ने रविवार को घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पुष्टि की कि क्लब के मालिक और जनरल मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और दोनों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
Goa Nightclub Saurabh Luthra: कौन हैं सौरभ लूथरा?
सौरभ लूथरा को Romeo Lane समूह का चेहरा माना जाता है एक ऐसा ब्रांड जिसकी शाखाएँ दिल्ली समेत कई शहरों में मौजूद हैं। सार्वजनिक प्रोफाइल के अनुसार, वह एक गोल्ड-मेडलिस्ट इंजीनियर रहे हैं और बाद में रेस्टोरेंट–बार उद्योग में कदम रखते हुए तेज़ी से पहचान बनाने लगे। उनके नाम पर Romeo Lane, Birch और Mama’s Buoi जैसे प्रतिष्ठान सूचीबद्ध हैं।
गोवा अभियान के हिस्से के रूप में हाल ही में शुरू किए गए Birch by Romeo Lane को स्थानीय स्तर पर एक हाई-एंड नाइटक्लब के रूप में प्रचारित किया गया था।
आग की रात और उठते सवाल
शनिवार आधी रात के आसपास क्लब के अंदर अचानक आग भड़क उठी। कुछ चश्मदीदों ने बताया कि आग इतनी तेज़ी से फैली कि स्टाफ और पर्यटकों को भागने का मौका तक नहीं मिला। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि क्लब में पर्याप्त फायर-सेफ्टी इंतज़ाम नहीं थे और आपातकालीन निकासी मार्ग संकरे या अवरुद्ध स्थिति में थे।
स्थानीय पंचायत ने भी बताया कि जिस संरचना में क्लब चल रहा था, उसे निर्माण संबंधी अनुमति नहीं मिली थी और पहले भी इस पर आपत्ति दर्ज की जा चुकी थी। अब इन्हीं आरोपों की जांच आगे बढ़ेगी कि क्या चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया गया था।
मौन है लूथरा पक्ष
घटना के बाद सौरभ लूथरा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पुलिस उनसे संपर्क साधने की कोशिश कर रही है। क्लब प्रबंधन के अन्य सदस्यों से पूछताछ जारी है।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के लिए दो लाख रुपये तथा घायलों के लिए पचास हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की है।
मरने वालों में कई स्थानीय कर्मचारी शामिल थे, चार पीड़ित पर्यटक बताए जा रहे हैं। कई गंभीर रूप से घायल लोगों का गोवा के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पुलिस अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि क्लब में रात के समय भीड़ को संभालने आग बुझाने और बाहर निकालने की जिम्मेदारी किसके पास थी, और क्या नियमों के उल्लंघन में प्रबंधन की कोई भूमिका रही।
