Outsourced Employees: सीहोर के जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों ने हल्ला बोल दिया है। बता दें की लंबे समय से वेतन और पीएफ की समस्याओं से जूझ रहे लगभग सभी विभागों के आउटसोर्स कर्मचारियों ने लामबंद होकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो वे काम बंद कर हड़ताल पर चले जाएंगे।

तीन महीने से वेतन का इंतजार,पीएफ भी गायब
इस दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है की उन्हें पिछले 3 महीनों से वेतन नहीं मिला है। घर चलाना मुश्किल हो गया है। पिछले 6 महीनों से उनका पीएफ भी उनके खातों में जमा नहीं किया गया है।कर्मचारियों का आरोप है कि सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
Outsourced Employees: ठेकेदार की ‘बदतमीजी’ और कंपनी की लापरवाही
अस्पताल में आउटसोर्सिंग का ठेका सिग्मा इन्फोटेक्स कंपनी के पास है। कर्मचारियों ने कंपनी और उसके ठेकेदार पर आरोप लगाया। उनका कहना है कि-जब भी वेतन के संबंध में ठेकेदार से बात करने की कोशिश की जाती है, तो वह अभद्र व्यवहार (बदतमीजी) करता है।
हड़ताल की चेतावनी: चरमरा सकती है स्वास्थ्य व्यवस्था
कलेक्टर कार्यालय पहुंचे कर्मचारियों ने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका बकाया वेतन और पीएफ का भुगतान नहीं किया गया, तो वो लोग काम बंद कर स्ट्राइक पर चले जाएंगे।
Outsourced Employees: प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सिग्मा इन्फोटेक्स कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में वेतन समय पर मिले। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है या फिर मरीजों को हड़ताल की मार झेलनी पड़ेगी।
