Iran-US war Parliament: संसद के बजट सत्र के दूसरा चरण की शुरुआत हो चुकी है। ये शुरुआत खूब हंगामेदार रही है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने राज्यसभा को मिडिल ईस्ट के हालात और वहां भारत सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों से अवगत कराया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने आपत्ति जताते हुए नारेबाजी की।
जंग पर चर्चा
विदेश मंत्री S जयशंकर ने राज्यसभा के बाद लोकसभा को भी अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान की जंग और इस कारण पश्चिम एशियाई देशों में बिगड़े हालात से अवगत कराया। इस दौरान जयशंकर ने कहा, ‘इस समय लीडरशिप लेवल पर ईरान के साथ कॉन्टैक्ट करना मुश्किल है। S जयशंकर के संबोधन के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष जंग के बाद पश्चिम एशिया में बने हालात पर चर्चा करने की मांग कर रहा था।

Iran-US war Parliament: विपक्ष का हंगामा
विदेश मंत्री ने पहले राज्यसभा में और फिर लोकसभा में गल्फ देशों से भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट को लेकर तैयारियों के बारे में बताया।
राज्यसभा में विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। जयशंकर ने कहा, भारत शांति और बातचीत के पक्ष में है। लोकसभा में भी विपक्ष ने विदेश मंत्री जयशंकर को बोलने नहीं दिया। उनकी स्पीच के दौरान हंगामा हुआ। सांसदों ने वेल के पास पहुंचकर ‘वी वॉन्ट डिस्कशन’ के नारे लगाए। वहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने की मांग वाले विपक्ष के प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर भी हंगामा हुआ। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, हम चर्चा करने को तैयार हैं। आप अभी चर्चा कीजिए।

‘संतुलन बनाए रखना हमारी भी जिम्मेदारी’
चर्चा में विदेश मंत्री ने कहा मौजूदा संघर्ष भारत के लिए भी चिंता की बात है। हम पड़ोसी हैं, और वेस्ट एशिया में संतुलन बनाए रखना हमारी भी जिम्मेदारी है। खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते हैं। ईरान में भी, कई भारतीय पढ़ाई या नौकरी के लिए हैं। यह इलाका हमारी एनर्जी सिक्योरिटी के लिए जरूरी है और इसमें तेल और गैस के कई सप्लायर शामिल हैं। हमने 2 भारतीय नाविकों को खो दिया है, और एक अभी भी लापता है। मुंबई के शिपिंग डायरेक्टरेट जनरल ने 14 जनवरी को भारतीय मर्चेंट शिपिंग से कहा था कि वे एम्बेसी की एडवाइजरी मानें और किनारे पर बेवजह आने-जाने से बचें।
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