ट्रम्प के दावों पर कांग्रेस का वार: मोदी से संसद में जवाब मांग
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा किए गए दावे कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोका और इस संघर्ष में 5 जेट मार गिराए गए—ने भारत की राजनीति में तूफान ला दिया है। इस पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में सीधे जवाब की मांग की है।

कांग्रेस के तीन सीधे सवाल
शनिवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए तीन मुख्य सवाल उठाए:
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क्या वाकई ट्रम्प ने भारत-पाकिस्तान सीजफायर रुकवाया?
ट्रम्प इस दावे को पहले भी 24 बार दोहरा चुके हैं, क्या सचमुच ऐसा हुआ? -
क्या ट्रम्प ने भारत को व्यापारिक धमकी देकर युद्ध रुकवाया?
क्या मोदी सरकार ने अमेरिका के व्यापारिक दबाव के आगे झुककर सैन्य कार्रवाई रोकी? -
5 जेट जो गिरे, वे किस देश के थे?
ट्रम्प ने 5 लड़ाकू विमान गिरने की बात कही, लेकिन स्पष्ट नहीं किया कि ये भारत के थे या पाकिस्तान के।
जयराम रमेश का बयान – पीएम को संसद में बोलना होगा
जयराम रमेश ने कहा:
“संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़नी होगी। कोई और मंत्री या प्रवक्ता नहीं, हमें कोई सब्स्टीट्यूट बल्लेबाज नहीं चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी और ट्रम्प की दोस्ती कोई नई बात नहीं है।
“हाउडी मोदी (2019) और नमस्ते ट्रम्प (2020) की यादें अभी भी ताजा हैं। लेकिन अब देश को सच्चाई चाहिए, और जवाब सिर्फ पीएम मोदी से ही स्वीकार होगा।”
आम आदमी पार्टी का हमला – “भारत की गरिमा से समझौता”
AAP ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा:
“ट्रम्प बार-बार कह रहे हैं कि मोदी ने व्यापार की धमकी पर जंग रोकी। ये भारत की गरिमा से समझौता है। 56 इंच सीना कहने वालों ने इस पर एक शब्द भी नहीं बोला है।”
संसद में हंगामे के आसार
21 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में यह मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया जाएगा। कांग्रेस और विपक्ष के अन्य दल इस पर विशेष चर्चा और प्रधानमंत्री की मौजूदगी की मांग कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यदि सरकार इस मुद्दे को टालने की कोशिश करती है तो संसद में भारी हंगामा हो सकता है।
ऑपरेशन सिंदूर और ट्रम्प की कथित भूमिका
डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में व्हाइट हाउस में रिपब्लिकन सांसदों के साथ डिनर के दौरान कहा:
“मुझे लगता है कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष में सच में 5 जेट गिरे थे। और हमने उन्हें युद्ध से रोका।”
हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ये जेट किस देश के थे। इसी अस्पष्टता पर अब भारत की राजनीति गरमा गई है।
पहले भी उठा चुकी है कांग्रेस सवाल
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3 जून: राहुल गांधी ने कहा,
“ट्रम्प का एक फोन आया और नरेंद्र जी तुरंत सरेंडर हो गए। यही BJP-RSS का कैरेक्टर है – हमेशा झुकते हैं।” -
6 जून: कांग्रेस ने पूछा,
“क्या ऑपरेशन सिंदूर अमेरिकी दबाव में रोका गया?” -
18 जून: अमेरिकी सेंट्रल कमांड चीफ ने पाकिस्तान को “आतंक के खिलाफ शानदार सहयोगी” कहा, जिस पर कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या भारत की विदेश नीति विफल हो रही है?
यह सिर्फ सैन्य नहीं, राजनीतिक मुद्दा है
कांग्रेस का कहना है कि ये सिर्फ एक सैन्य ऑपरेशन का मामला नहीं, बल्कि एक संवेदनशील राजनीतिक प्रश्न है। यदि भारत ने अमेरिकी दबाव में कोई फैसला लिया है, तो उसके पीछे की सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए।
अब देखना होगा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में इस विवाद पर खुलकर बयान देंगे या सरकार इस मुद्दे को टालने की कोशिश करेगी।
