Operation Sindoor : प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में किया खुलासा
Operation Sindoor : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के दौरान ऑपरेशन सिंदूर को भारत के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में निर्णायक क्षण बताया। प्रधानमंत्री ने इसे केवल एक सैन्य मिशन नहीं, बल्कि एक ऐसे भारत की पहचान बताया जो अब अपनी शक्ति और संकल्प के साथ विश्व पटल पर मजबूती से खड़ा है।
भारत की बदलती ताकत का प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हो चुका है, जिसमें गुस्सा और संकल्प भरा हुआ है। ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि हम आतंकवाद के खिलाफ खड़े हैं।” उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की बढ़ती शक्ति और स्पष्ट उद्देश्य का प्रतीक बताया।
“ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया है,” मोदी ने कहा। इस अभियान में भारतीय सैनिकों द्वारा सीमा पार आतंकवादी ढांचों को जिस सटीकता से नष्ट किया गया, उसकी प्रधानमंत्री ने सराहना की। उन्होंने इसे केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि बदलते और दृढ़ संकल्प वाले भारत की छवि के रूप में बताया।
आत्मनिर्भर भारत और ऑपरेशन सिंदूर
प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय भारत के आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं को दिया, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत बनाए गए हथियारों, उपकरणों और प्रौद्योगिकियों से समर्थित थे। मोदी ने कहा, “यह हमारे सैनिकों का अद्वितीय साहस था, जो भारतीय हथियारों, उपकरणों और तकनीकी क्षमताओं से सशक्त होकर दुश्मन पर वार कर रहे थे।” उन्होंने यह भी बताया कि यह अभियान केवल सैन्य कार्यवाही नहीं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाला कदम भी था।
देश भर में उमड़ी राष्ट्रप्रेम की लहर
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पूरे देश में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे देश भर में युवा नागरिकों ने नागरिक रक्षा के लिए स्वयंसेवी काम किया, कैसे सोशल मीडिया पर राष्ट्रप्रेम से भरे काव्य पोस्ट किए गए, और बच्चों ने चित्रों के जरिए अपने देशप्रेम का इज़हार किया।
“मैं बीकानेर गया था, जहां मुझे बच्चों द्वारा बनाई गई चित्रकलाएँ मिलीं, जो ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में बनाई गई थीं। वहीं, कई शहरों में, जैसे कटिहार और कुशीनगर में, परिवारों ने अपने नवजात बच्चों का नाम ‘सिंदूर’ रखा ताकि यह ऑपरेशन उनके लिए एक स्थायी प्रेरणा बने,” प्रधानमंत्री ने बताया।
ऑपरेशन सिंदूर से उत्पन्न राष्ट्रप्रेम और लोकल सपोर्ट
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीयों में एक नए आत्मविश्वास और प्रेरणा का संचार किया है, जिसने ‘वोकल फॉर लोकल’ मुहिम को और प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने न केवल राष्ट्रप्रेम की भावना को बलवती किया, बल्कि देशवासियों में आत्मनिर्भरता का जज्बा भी बढ़ाया।
“यह जीत हमारे इंजीनियरों, तकनीशियनों और हर एक नागरिक की मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने इस अभियान में किसी न किसी रूप में योगदान दिया,” उन्होंने कहा।
आतंकवाद के खिलाफ मजबूत संदेश
प्रधानमंत्री ने इस अभियान को आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत और निर्णायक संदेश के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि भारत अब अपनी सुरक्षा और समृद्धि के लिए किसी से भी समझौता नहीं करेगा।” उनका यह संदेश पूरी दुनिया में भारत के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक सुरक्षा के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।
शुरू हुआ एक नया अध्याय
ऑपरेशन सिंदूर का असर केवल सैन्य क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। इसने भारत की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित किया। मोदी ने कहा, “यह ऑपरेशन भारतीय समाज में एक नए विश्वास और सामूहिक ताकत का प्रतीक बन चुका है। आज भारत हर क्षेत्र में अपनी ताकत को साबित कर रहा है।”
उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी नई शुरुआत है, जहां भारत अपनी आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए पूरी तरह से सक्षम है और इसके लिए उसे किसी भी बाहरी ताकत की आवश्यकता नहीं है। यह भारत की बदलती तस्वीर और उसके आत्मविश्वास का संकेत है।
आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करना
ऑपरेशन सिंदूर ने एक और महत्वपूर्ण संदेश दिया – वह यह कि भारत अब अपने रक्षा उत्पादों के मामले में आत्मनिर्भर बन चुका है। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि इस सफलता के पीछे भारतीय वैज्ञानिकों, रक्षा विशेषज्ञों और सेना का योगदान था, जो अपने आत्मनिर्भरता की भावना को साकार करने में सक्षम हुए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल भारत की शक्ति को बढ़ाता है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और समृद्धि के लिए भी लाभकारी है।
भारतीय आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम की एक नई मिसाल
ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल भारत की शक्ति और संकल्प को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया, बल्कि यह एक मजबूत संदेश भी दिया कि अब भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में कोई भी कसर नहीं छोड़ने वाला। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारतीय आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम की एक नई मिसाल बताया।
यह अभियान केवल एक सैन्य मिशन नहीं था, बल्कि एक नए, आत्मनिर्भर और मजबूत भारत के उदय का प्रतीक था। यह दर्शाता है कि जब देश एकजुट होकर कार्य करता है, तो कोई भी शक्ति उसे रोक नहीं सकती।
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