operation sindoor pakistan ceasefire india: पाकिस्तान की रिक्वेस्ट पर हुआ सीजफायर
operation sindoor pakistan ceasefire india नई दिल्ली, 25 जुलाई 2025 — भारत सरकार ने गुरुवार को संसद में ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान के साथ हुए सीजफायर को लेकर पहली बार आधिकारिक बयान जारी किया। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि यह ऑपरेशन पाकिस्तान की ओर से पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें कई जवान और आम नागरिक शहीद हुए थे।

ऑपरेशन सिंदूर: कब, क्यों और कैसे?
कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में बताया कि:
7 मई 2025 को भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र (PoK) में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया। इस अभियान में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया। हमलों के बाद पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों और नागरिकों पर जवाबी कार्रवाई की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने कड़ा जवाब दिया, जिससे PAK सेना को भारी नुकसान झेलना पड़ा।
सीजफायर क्यों और कैसे हुआ?
सीजफायर पर उठे सवालों के जवाब में विदेश राज्य मंत्री ने कहा:
“10 मई को पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय समकक्ष से संपर्क कर युद्धविराम की अपील की।”
उसी दिन भारत और पाकिस्तान के बीच सीमित संघर्ष विराम पर सहमति बनी।
उन्होंने साफ किया कि भारत ने अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने से पहले आतंकी ठिकानों को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया था, और तब जाकर राजनयिक स्तर पर बातचीत की अनुमति दी गई।
क्या भारत ने पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर घेरा?
सरकार ने कहा कि भारत ने लगातार UNSC की 1267 प्रतिबंध कमेटी और FATF जैसे वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान से जुड़े आतंकियों और संगठनों को सूचीबद्ध कराने में सफलता पाई। हाल ही में अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन TRF (The Resistance Front) को ग्लोबल टेरर ऑर्गनाइजेशन घोषित किया।
भारत-अमेरिका सहयोग
एक अन्य सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि भारत, पाकिस्तान को दी जाने वाली अमेरिकी सैन्य मदद पर लगातार निगरानी रखता है और अपनी आपत्तियाँ अमेरिका व अन्य सहयोगियों के सामने रखता रहा है। भारत और अमेरिका के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग लगातार गहरा हो रहा है, जो रणनीतिक साझेदारी का मुख्य स्तंभ बन चुका है।

विपक्ष के सवाल और सरकार की सफाई
सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने संसद में सवाल उठाया था कि क्या ऑपरेशन सिंदूर अंतरराष्ट्रीय दबाव में शुरू किया गया? युद्धविराम का सेना के मनोबल पर क्या असर पड़ा? भारत सरकार ने अचानक सीजफायर क्यों स्वीकारा? इस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि यह पूरा अभियान राष्ट्र की सुरक्षा प्राथमिकताओं पर आधारित था, न कि किसी बाहरी दबाव पर।
ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर
ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की आतंकवाद के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस नीति का प्रत्यक्ष उदाहरण है। सरकार का दावा है कि उसने सटीक और संतुलित तरीके से आतंकवाद को निशाना बनाया, और सीजफायर तभी स्वीकारा जब सैन्य उद्देश्य पूरे हो चुके थे।
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