operation sindoor india global mission mps visit tharoor row : थरूर का नाम देख कांग्रेस भड़क उठी!
operation sindoor india global mission mps visit tharoor row : भारत ने एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाते हुए ऑपरेशन सिंदूर और सीमा पार आतंकवाद पर वैश्विक समर्थन जुटाने के लिए सांसदों के 7 प्रतिनिधिमंडल दुनिया के विभिन्न देशों में भेजने का निर्णय लिया है। इन प्रतिनिधिमंडलों का उद्देश्य भारत की सुरक्षा नीति, आतंक के खिलाफ रुख और पाकिस्तान द्वारा किए गए संघर्षविराम उल्लंघनों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्य देशों सहित अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उजागर करना है।
🛡️ ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या के बाद भारत ने 7 मई को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर के 100 आतंकियों को ढेर कर दिया था। इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया – एक ऐसा जवाब जिसने भारत की निर्णायक सैन्य नीति को दुनिया के सामने रखा।
🌍 अब कूटनीतिक मिशन: 7 टीमों में जाएंगे सांसद
संसदीय कार्य मंत्रालय ने शनिवार को इन 7 प्रतिनिधिमंडलों की घोषणा की। हर टीम में 5 सांसद शामिल होंगे जो 10 दिनों में 5 से 8 देशों का दौरा करेंगे। एनसीपी की सांसद सुप्रिया सुले ने बताया कि ये सभी टीमें भारत का पक्ष वैश्विक स्तर पर मजबूती से रखेंगी।

😲 कांग्रेस का बवाल: थरूर का नाम देख चौंकी पार्टी
इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम सामने आते ही पार्टी ने नाराजगी जताई। कांग्रेस ने कहा कि हमने थरूर को नामित नहीं किया, बल्कि हमने 4 अन्य सांसदों के नाम भेजे थे जो सूची में नहीं हैं।
कांग्रेस की चिंता क्यों?
थरूर के रुख को अक्सर केंद्र सरकार के विपरीत माना जाता है। ऐसे में पार्टी को आशंका है कि यह उनकी छवि या पार्टी लाइन से विचलन का संकेत बन सकता है।
👥 कौन-कौन हैं शामिल?
PTI के अनुसार संभावित नामों में शामिल हैं:
- अनुराग ठाकुर (भाजपा)
- सुप्रिया सुले (NCP)
- असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM)
- सुदीप बनोपाध्याय (TMC)
- सस्मित पात्रा (BJD)
- जॉन ब्रिटास (CPM)
🔥 संघर्षविराम के बाद भी पाक का धोखा
10 मई को अमेरिका की मध्यस्थता में भारत और पाकिस्तान संघर्षविराम पर सहमत हुए थे, जिसकी जानकारी डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर दी। लेकिन पाकिस्तान ने कुछ ही घंटों में इसे तोड़ते हुए भारत के चार राज्यों में हमले किए।
11 मई को भारत की सेना ने जवाबी प्रतिक्रिया दी। भारतीय DGMO, वाइस एडमिरल और एयर मार्शल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा –
“हमारा संघर्ष पाक सेना से नहीं, आतंकवादियों से है। लेकिन अगर हमारी संप्रभुता पर हमला होता है, तो हम मुंहतोड़ जवाब देंगे।”
🔎 पाकिस्तान की हरकतें: चीनी हथियारों का इस्तेमाल
भारतीय सेना ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने चीन से मिली तकनीक जैसे लॉन्ग-रेंज मिसाइल्स, ड्रोन, UAVs और रॉकेट्स का इस्तेमाल किया।
लेकिन भारत की एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया।
🔚 विश्व समुदाय को सच बताने की तैयारी
भारत अब सिर्फ सैनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए तैयार है। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने एक ओर आतंकवाद पर सीधा प्रहार किया, तो दूसरी ओर अब विश्व समुदाय को सच बताने की तैयारी कर ली है।
कांग्रेस और अन्य दलों के बीच जो मतभेद सामने आए हैं, वह इस मिशन की गंभीरता और राजनीति के टकराव दोनों को दर्शाते हैं। लेकिन सवाल अब भी यही है – क्या भारत की आवाज़ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतनी ही असरदार होगी जितनी बॉर्डर पर?
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