bihar newborns named sindoor : भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक अनोखा दृश्य सामने आया। 7 मई 2025 की रात, जब भारत ने पाकिस्तान पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत एयर स्ट्राइक की, उसी रात मुजफ्फरपुर के अस्पताल में 12 नवजातों का जन्म हुआ। इन बच्चों के माता-पिता ने अपनी संतान का नाम ‘सिंदूर’ रखा, जो न केवल एक नाम बल्कि देशभक्ति की भावना का प्रतीक बन गया।
bihar newborns named sindoor : ऑपरेशन सिंदूर: एक संक्षिप्त पृष्ठभूमि
‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर की गई एयर स्ट्राइक का कोडनेम था। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम हमले में 26 भारतीय नागरिकों की हत्या के जवाब में किया गया। इस हमले में अधिकांश मृतक हिंदू थे, और उनके परिवारों की विधवाओं की स्थिति को देखते हुए इस ऑपरेशन का नाम ‘सिंदूर’ रखा गया, जो हिंदू महिलाओं द्वारा माथे पर लगाए जाने वाले लाल रंग के पाउडर का प्रतीक है।
बिहार में नवजातों का नाम ‘सिंदूर’
1. कटिहार की ‘सिंदूरी’
कटिहार जिले में जन्मी एक बेटी का नाम ‘सिंदूरी’ रखा गया। उसकी मां, राखी कुमारी ने कहा, “दो खुशियां एक साथ आई हैं। घर में बेटी का जन्म और पाकिस्तान पर हमला। मैं अपनी बेटी को सेना में भेजूंगी ताकि वह देश की सेवा कर सके।”
2. मुजफ्फरपुर के कान्हारा में ‘सिंदूर’
मुजफ्फरपुर के कान्हारा गांव में भी एक नवजात का नाम ‘सिंदूर’ रखा गया। परिवार के सदस्य हिमांशु राज ने बताया, “हमने हमले का वीडियो देखा और बहुत अच्छा महसूस किया। इसलिए हमने अपनी भतीजी का नाम सिंदूर रखा है।”
3. सीतामढ़ी में पोते का नाम ‘सिंदूर’
सीतामढ़ी जिले के बेलसंड थाना क्षेत्र में वंदना देवी ने अपने पोते का नाम ‘सिंदूर’ रखा। उन्होंने कहा, “उनका पोता बड़ा होकर सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करेगा।”
4. मोतिहारी में फार्मास्युटिकल उद्यमी का नवजात ‘सिंदूर’
मोतिहारी के फार्मास्युटिकल उद्यमी अनिकेत कुमार ने भी अपने नवजात बेटे का नाम ‘सिंदूर’ रखा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है।
अस्पताल में ‘सिंदूर’ नामकरण
मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल में 12 बच्चों का जन्म हुआ, जिनका नाम ‘सिंदूर’ रखा गया। अस्पताल के नियोनेटोलॉजिस्ट ने बताया, “यह गर्व की बात है कि हमारे अस्पताल में 12 बच्चों का नाम सिंदूर रखा गया है।
नामकरण की भावनात्मक और देशभक्ति पहलू
‘सिंदूर’ नामकरण केवल एक परंपरा का पालन नहीं था, बल्कि यह एक भावनात्मक और देशभक्ति की भावना का प्रतीक था। परिवारों ने इस नाम के माध्यम से अपने बच्चों में देशप्रेम और बलिदान की भावना को जागृत करने का प्रयास किया।
बिहार के विभिन्न जिलों में नवजातों का नाम ‘सिंदूर’ रखना न केवल एक संयोग था, बल्कि यह भारतवासियों की देशभक्ति और एकजुटता का प्रतीक बन गया। इसने यह सिद्ध कर दिया कि कठिन समय में भी लोग अपनी भावनाओं और कृत्यों के माध्यम से देश के प्रति अपनी निष्ठा और प्रेम व्यक्त करते हैं।
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