उत्तराखंड सरकार ने अवैध गतिविधियों, फर्जीवाड़े और समाज में सांप्रदायिक तनाव फैलाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत पुलिस अभियान में 300 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ संदेश दिया कि जो लोग जनता की भावनाओं से खिलवाड़ करेंगे, उन्हें जेल की हवा खानी पड़ेगी।
क्या है ऑपरेशन कालनेमि?
“ऑपरेशन कालनेमि” उत्तराखंड पुलिस की एक विशेष मुहिम है, जिसके जरिए उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जो फर्जी दस्तावेज़, अवैध काम, और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने जैसी गतिविधियों में संलिप्त हैं। इस अभियान का उद्देश्य राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना और आम लोगों के बीच विश्वास कायम करना है।
300 से अधिक गिरफ्तारियां
पिछले कुछ दिनों में की गई इस सघन कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से कई लोग लंबे समय से अवैध गतिविधियों में शामिल थे। कुछ संदिग्ध लोग फर्जी पहचान पत्रों और नकली दस्तावेज़ों के जरिए समाज को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे थे। इन सब पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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मुख्यमंत्री धामी का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में शांति व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा – “जो लोग समाज और धर्म के नाम पर भावनाओं से खेलेंगे, उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा।” उनका यह बयान साफ करता है कि सरकार बिना किसी दबाव के, कानून और व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
जनता का समर्थन और भरोसा
सरकार और पुलिस की इस निर्णायक कार्रवाई का जनता ने स्वागत किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि “ऑपरेशन कालनेमि” से वातावरण में सुरक्षा का भाव पैदा होगा और युवाओं को गुमराह करने वाले तत्वों पर सख्ती से रोक लगेगी।
“ऑपरेशन कालनेमि” उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह अभियान केवल अपराधियों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि लोगों को यह संदेश देने के लिए भी है कि नियम तोड़ने और भावनाओं से खेलने वालों के लिए राज्य में कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री धामी का यह कदम एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण उत्तराखंड की ओर बड़ा कदम है।
