Online Shopping Fraud: इंटरनेट के इस दौर में ऑनलाइन शॉपिंग हमारे जीवन का हिस्सा बन चुकी है। आजकल हर कोई व्यस्त रहता है, ऐसे में सब चाहते है कि मार्केट न जाना पड़े सब घर पर मिल जाए ऐसे में मोबाइल, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रॉसरी से लेकर ब्यूटी प्रोडक्ट्स तक अब हर चीज कुछ ही क्लिक में घर तक पहुंच जाती है।
Read More: How to Become Influencer: जानिए इंस्टाग्राम पर कैसे बनें लाइफस्टाइल इंफ्लुएंसर?
लेकिन जिस तेजी से ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बढ़ा है, उसी रफ्तार से ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर क्राइम के मामले भी सामने आ रहे हैं। कई लोग नकली वेबसाइट, फर्जी कॉल्स, पेमेंट स्कैम्स और डुप्लीकेट प्रोडक्ट्स के जाल में फसाते है, और लोगों से पैसे लुटते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप शॉपिंग करते समय सतर्क रहें और कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें।
ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी के तरीके…
1. फर्जी वेबसाइट्स और ऐप्स…
कई बार उपभोक्ता गूगल या सोशल मीडिया पर दिख रही डिस्काउंट वाली साइट्स से प्रभावित होकर ऑर्डर कर देते हैं। लेकिन बाद में न तो प्रोडक्ट मिलता है, न ही रिफंड। ये वेबसाइट्स असली जैसी दिखती हैं लेकिन डोमेन नाम में छोटी-मोटी गड़बड़ी होती है।

2. फिशिंग मेल और फेक SMS..
“आपका ऑर्डर डिस्पैच हो गया है” या “इस लिंक पर क्लिक करें और ₹5,000 का गिफ्ट पाएं” जैसे मैसेज आपको लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाते हैं। एक बार क्लिक करने पर आपका डेटा और बैंकिंग जानकारी हैक हो सकती है।
3. कॉल पर पेमेंट मांगना…
कई बार फर्जी लोग कूरियर कंपनी या कस्टमर केयर बनकर कॉल करते हैं और “ऑर्डर वेरीफिकेशन” के नाम पर OTP, कार्ड डिटेल्स या UPI मांगे जाते हैं।
4. कैशबैक और रिवॉर्ड स्कैम…
“₹500 का कैशबैक जीतें”, “₹1 में स्मार्टफोन पाएं” जैसे ऑफर्स के जरिए यूजर को एक पेज पर भेजा जाता है जहां उनसे पैसे और निजी जानकारी मांगी जाती है।

ऑनलाइन शॉपिंग करते समय इन बातों का रखें ध्यान…
हमेशा भरोसेमंद और आधिकारिक वेबसाइट से ही करें खरीदारी…
Amazon, Flipkart, Myntra, Nykaa, Ajio जैसी भरोसेमंद कंपनियों की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ही खरीदारी करें। किसी अनजान या हाल ही में शुरू हुई वेबसाइट से खरीदारी करने से पहले उसकी वैधता जांचें।
1. वेबसाइट का URL “https://” से शुरू होना चाहिए
2. साइट का डोमेन नाम ध्यान से पढ़ें — जैसे flipkart.com की जगह fl1pkart.co.in न हो
3. वेबसाइट पर “About Us”, “Contact Us” और “Return Policy” जरूर पढ़ें
कैश ऑन डिलीवरी (COD) का विकल्प चुनें…
अगर आप किसी नई वेबसाइट से पहली बार खरीदारी कर रहे हैं, तो Cash on Delivery का विकल्प चुनें। इससे पेमेंट तभी होगा जब प्रोडक्ट आपके हाथ में होगा।
ऑफर्स और डिस्काउंट्स को करें क्रॉस-चेक..
बहुत ज्यादा छूट (जैसे ₹70,000 का फोन सिर्फ ₹2,000 में) वाले ऑफर्स से सतर्क रहें। इस तरह के ऑफर्स अक्सर फर्जी होते हैं। किसी भी ऑफर को दूसरी साइट्स या ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर क्रॉस-चेक करें।
पेमेंट गेटवे की सुरक्षा जांचें..
पेमेंट के समय यह देखें कि वेबसाइट किसी सुरक्षित पेमेंट गेटवे (जैसे Razorpay, PayU, Paytm, आदि) का इस्तेमाल कर रही है या नहीं। अनजान गेटवे से पेमेंट करने से बचें।
बैंक OTP और UPI पिन किसी को न बताएं…
कोई भी कस्टमर केयर, बैंक या शॉपिंग साइट आपको कॉल करके कभी OTP, कार्ड नंबर, CVV या UPI पिन नहीं मांगती। ऐसे कॉल्स आते ही फौरन कॉल काटें और साइबर क्राइम में रिपोर्ट करें।

फर्जी ऐप्स से बचें…
गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से ऐप डाउनलोड करते समय ऐप की रेटिंग, डाउनलोड संख्या और रिव्यू जरूर पढ़ें। कम रेटिंग या संदिग्ध रिव्यू वाले ऐप्स से दूरी बनाएं।
स्ट्रॉन्ग पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें..
आपके ई-कॉमर्स और बैंकिंग ऐप्स का पासवर्ड मजबूत होना चाहिए। इसके साथ ही 2FA (Two-Factor Authentication) जरूर एक्टिवेट करें ताकि कोई अन्य व्यक्ति आपके खाते तक न पहुंच सके।
ईमेल और SMS अलर्ट एक्टिवेट रखें..
अपने बैंक अकाउंट और UPI ऐप्स में ट्रांजैक्शन अलर्ट एक्टिवेट रखें ताकि कोई भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन तुरंत पकड़ में आ जाए।
अगर धोखाधड़ी हो जाए तो क्या करें?
1. तुरंत बैंक या ऐप के कस्टमर केयर को सूचित करें
– कार्ड ब्लॉक कराएं या UPI ID को डीएक्टिवेट करें
2. www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
– यह भारत सरकार का आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल है
3. नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं
– ट्रांजैक्शन डिटेल्स और स्क्रीनशॉट साथ ले जाएं
4. National Cyber Crime Helpline: 1930 पर कॉल करें
– यह नंबर 24×7 सक्रिय है और आपकी मदद के लिए है
