अकादमी में ओम बिरला का स्वागत
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला विशेष विमान से देहरादून के जौली ग्रांट हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से मसूरी के पोलो ग्राउंड के लिए रवाना हुए। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वे लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी पहुंचे। अकादमी के निदेशक श्री तारणि कांति ने पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया। यह समारोह 127वें इंडक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन था, जिसमें राज्य सिविल सेवाओं से भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में पदोन्नत हुए अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में 127वें Induction Training Programme में प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया।
राज्य सिविल सेवाओं से भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत होने जा रहे इन अधिकारियों के पास सार्वजनिक जीवन का समृद्ध अनुभव है। इस दीर्घ… pic.twitter.com/LlymG3kgPm— Om Birla (@ombirlakota) June 12, 2025
Om Birla LBSNAA Training Ceremony: प्रशिक्षण कार्यक्रम का महत्व
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में आयोजित यह इंडक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम देश के 19 राज्यों से आए 97 अधिकारियों के लिए था। इस कोर्स का उद्देश्य प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना था। ओम बिरला ने अपने संबोधन में इस प्रशिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला और कहा कि यह कोर्स अधिकारियों को जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सक्षम बनाएगा।
ओम बिरला का अधिकारियों को संदेश
लोकसभा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में सिविल सेवा अधिकारियों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को जनता की समस्याओं का अंतिम पड़ाव बनना चाहिए और उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता का बेंचमार्क स्थापित करें, ताकि भविष्य के अधिकारी उनका अनुसरण कर सकें।
- कर्म योगी की भूमिका: बिरला ने कहा कि सिविल सेवा अधिकारी कर्म योगी के रूप में कार्य करते हैं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका अतिमहत्वपूर्ण है। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के विचारों को लोकतंत्र के लिए प्रेरणादायी बताया।
- विविधता और एकता: उन्होंने भारत को विविधताओं का देश बताते हुए कहा कि यह विविधता ही भारत को विकास के पथ पर अग्रसर करती है। अधिकारियों को इस विविधता को समझकर कार्य करना चाहिए।
- निरंतर सीखने की प्रक्रिया: बिरला ने जोर देकर कहा कि शिक्षण और प्रशिक्षण जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया है। अधिकारियों को बदलते समय के साथ खुद को ढालना होगा और नवीन तकनीकों को अपनाना होगा।
Om Birla LBSNAA Training Ceremony: अधिकारियों से अपील
ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र के तीन स्तंभों में कार्यपालिका की भूमिका अहम है। नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है, जिसे ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निभाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे जनहित में कार्य करें और विशेष रूप से गरीबों की समस्याओं का त्वरित समाधान करें।
- लोकप्रियता और प्रभाव: बिरला ने कहा कि एक लोकप्रिय अधिकारी वही है, जिसे उसके कार्यकाल के बाद भी लोग याद रखें। अधिकारियों को कानून का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विकास पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए।
- संचार और समाधान: उन्होंने अधिकारियों को संचार साधनों का उपयोग कर जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने की सलाह दी। इससे जनता का विश्वास प्रशासन पर बढ़ेगा।
आत्मविश्वास और अनुभव साझा करना: बिरला ने अधिकारियों से तनावमुक्त होकर कार्य करने और एक-दूसरे के अनुभवों को साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास के साथ कार्य करने से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना साकार होगा।
सुनील सोनकर की रिपोर्ट
