Olympics 2028: ओलिंपिक 2028 में भारत की मेडल की उम्मीद उस समय और बढ़ गई, जब इंटरनेशनल ओलिंपिक कमिटी (IOC) ने यह ऐलान किया कि लॉस एंजिल्स ओलंपिक में कंपाउंड आर्चरी को जोड़ा जाएगा। यह पहली बार है, जब इस खेल को ओलिंपिक में शामिल किया जाएगा। यह खेल इससे पहले ओलंपिक का हिस्सा नहीं था। इसका ओलंपिक में शामिल होने से भारत के पदक जीतने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
आपको बता दें कि, भारत कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में दुनिया में दूसरे स्थान पर है और महिला कंपाउंड टीम रैंकिंग में भी नंबर 1 स्थान पर है।
Olympics 2028: ओलिंपिक 2028 में क्रिकेट की भी एंट्री..
साल 2028 में लॉस एंजिलिस में होने वाले ओलिंपिक में क्रिकेट की वापसी होने जा रही है। यह एंट्री 128 सालों बाद ओलिंपिक में हुई है। इससे पहले 1900 में ओलिंपिक में क्रिकेट के इवेंट हुए थे। ओलिंपिक 2028 में Mens और Womens क्रिकेट इवेंट में 6 टीमें शामिल होंगी।

इंटरनेशनल ओलिंपिक कमिटी ने इसकी पुष्टि कर दी है। प्रत्येक इवेंट में कुल 90 खिलाड़ी शामिल होंगे। इतना ही नहीं, ओलिपिक में क्रिकेट टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा।

Olympics 2028: सिर्फ एक इवेंट – मिक्स्ड टीम कंपाउंड..
ओलंपिक 2028 में कंपाउंड आर्चरी का केवल एक इवेंट होगा – मिक्स्ड टीम इवेंट। इसमें एक पुरुष और एक महिला खिलाड़ी की जोड़ी देश का प्रतिनिधित्व करेगी। यह कंपाउंड तीरंदाजों के लिए एक ऐतिहासिक मौका है कि जब वो देश के लिए दुनिया के सबसे बड़े खेल मंच पर मेडल जीत सकेंगे।

कंपाउंड और रिकर्व आर्चरी में अंतर…
कंपाउंड और रिकर्व तीरंदाजी में मुख्य अंतर उनके धनुष (बो) के डिज़ाइन और तकनीक में होता है। कंपाउंड तीरंदाजी विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप और विश्व खेलों में शामिल है।
Olympics 2028: रिकर्व धनुष..
इसके ऊपरी और निचले हिस्से बाहर की ओर मुड़े होते हैं। इसमें तकनीक और शुद्ध निशानेबाज़ी पर ज्यादा ज़ोर होता है। रिकर्व तीरंदाजी ओलंपिक खेलों में प्रयुक्त होने वाली धनुष शैली है।
1. कंपाउंड धनुष को खींचने के लिए रिकर्व की तुलना में कम ताकत की आवश्यकता होती है
2. कंपाउंड धनुष अधिक सटीक होते हैं
3. कंपाउंड धनुष शिकार के लिए बेहतर होते हैं।
4. टारगेट 70 मीटर दूर होता है।
Olympics 2028: कंपाउंड धनुष
इसमें ‘लेट-ऑफ’ सुविधा होती है, जिससे खिलाड़ी कम ताकत लगाकर भी निशाना लगा सकते हैं। इसमें केबल और पुली सिस्टम होता है, जिससे सटीक निशाना लगाना आसान होता है।
1. रिकर्व तीरंदाजी में अधिक प्राकृतिक तकनीक का उपयोग होता है।
2. रिकर्व तीरंदाजी में अधिक सहनशक्ति की आवश्यकता होती है।
3. रिकर्व तीरंदाजी ओलंपिक खेलों में प्रयुक्त होने वाली धनुष शैली है।
4. टारगेट 50 मीटर दूर होता है।
क्यों बढ़ी भारत की मेडल उम्मीद?
भारत ने ओलंपिक में आज तक आर्चरी में कोई मेडल नहीं जीता है, लेकिन कंपाउंड आर्चरी के आने से उम्मीदें जरूर बढ़ गई हैं। कंपाउंड आर्चरी के ओलंपिक में शामिल होने से भारत के लिए गोल्ड मेडल का रास्ता पहले से कहीं ज्यादा साफ दिखाई दे रहा है। भारतीय तीरंदाजों को अब एक नया मंच मिला है, जहां वे अपने कौशल और मेहनत के दम पर इतिहास रच सकते हैं।
1. 2023 वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप में भारत ने 5 में से 3 गोल्ड मेडल जीते थे।
2. 2023 एशियन गेम्स में भारत ने कंपाउंड आर्चरी के सभी 5 गोल्ड मेडल अपने नाम किए।
3. कंपाउंड मिक्स्ड टीम रैंकिंग में भारत अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है।
