BJP ने पूछा – कांग्रेस कब तक अपने नेताओं को बचाएगी?
ओडिशा में कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI के प्रदेश अध्यक्ष उदित प्रधान पर रेप का आरोप लगने के बाद राजनीति में हड़कंप मच गया है। 19 साल की छात्रा ने आरोप लगाया कि 18 मार्च को उदित प्रधान ने उसे एक कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया और फिर उसे होटल के कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद छात्रा ने रविवार को मंचेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर उदित प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया।
कांग्रेस ने उदित प्रधान को किया निष्कासित
घटना सामने आने के बाद कांग्रेस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उदित प्रधान को NSUI अध्यक्ष के पद से हटा दिया और पार्टी से निष्कासित कर दिया। हालांकि, भाजपा ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस से सवाल किया कि पार्टी अपने नेताओं को कब तक बचाती रहेगी? भाजपा ने यह भी कहा कि कांग्रेस की चुप्पी इस मामले में अपराध को छिपाने जैसी है।
आरोप: नशीला पदार्थ मिलाकर किया दुष्कर्म
पीड़िता का दावा है कि 18 मार्च को उदित प्रधान ने उसे डिनर के लिए बुलाया था, जहां उसे नशीला कोल्ड ड्रिंक दिया गया। इसके बाद, आरोपी उसे होटल के कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। छात्रा ने इसकी शिकायत पहले भी अधिकारियों से की थी, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उसने आत्मदाह करने की भी कोशिश की थी।

भाजपा का कांग्रेस पर हमला
भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा, “यह शर्मनाक है, लेकिन अब यह चौंकाने वाली बात नहीं रही। कांग्रेस और BJD को ऐसे मामलों में कार्रवाई की बजाय अपने नेताओं को बचाने का काम करना बंद करना चाहिए।” मालवीय ने यह भी कहा कि कांग्रेस की चुप्पी अपराध में सहभागिता जैसा है और अब समय आ गया है कि इन मामलों की सच्चाई सामने लाई जाए।
छात्रा की आत्मदाह की घटना और दूसरा आरोपी
दूसरी ओर, 12 जुलाई को फकीर मोहन कॉलेज की एक छात्रा ने सेक्शुअल हैरेसमेंट के कारण खुद को आग लगा ली थी। यह घटना कॉलेज के HoD प्रोफेसर समीर कुमार साहू के खिलाफ थी। छात्रा का कहना था कि उसे अपनी शिकायत वापस लेने का दबाव डाला गया था। बाद में समीर कुमार साहू को गिरफ्तार किया गया और कॉलेज के प्रिंसिपल को सस्पेंड किया गया।
ओडिशा में हड़ताल और विरोध प्रदर्शन
17 जुलाई को छात्रा की मौत के बाद, कांग्रेस और 8 विपक्षी दलों ने ओडिशा बंद का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों ने भद्रक जिले में ट्रेन को रोका और भुवनेश्वर में बसों का चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
