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Water Metro : अब गुजरात में पानी से चलेगी मेट्रो!  

By : Shital Sharma
Water Metro : अब गुजरात में पानी से चलेगी मेट्रो!  

क्या सुविधाएं और कहां बनेगा पहला स्टेशन?

Water Metro : सूरत शहर देश के सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में से एक है, शहर में यातायात की समस्या एक बहुत ही गंभीर होती जा रही है। ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए अधिक से अधिक नए विकल्प तलाशे जा रहे हैं। 

इसलिए एसएमसी द्वारा वाटर मेट्रो चलाने की परियोजना शुरू की  है। आने वाले दिनों में तापी नदी में वाटर मेट्रो के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सूरत को गुजरात में वाटर मेट्रो प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। अभी तक केरल के कोच्चि में देश की इकलौती वॉटर मेट्रो चल रही है।

वॉटर मेट्रो क्या है और यह कैसे काम करती है?

नदी के किनारे या समुद्री सीमाओं से घिरे द्वीपों या शहरों में जल स्वाभाविक रूप से एक अच्छा विकल्प हैं। लोगों को नदी या समुद्री मार्ग से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए वाटर मेट्रो की मदद ली जाती है। जिस तरह हम शहर के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए सिटी बसों, बीआरटीएस बसों या मेट्रो सेवाओं का उपयोग करते हैं। इसी तरह वाटर मेट्रो को भी नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक किया जा सकता है।

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सूरत नगर निगम वाटर मेट्रो शुरू करने के लिए आगे बढ़ रहा है, जिसके लिए संबंधित विभाग से चर्चा की जा रही है। जिससे आने वाले दिनों में तापी नदी पर वॉटर मेट्रो चलाने की तैयारी शुरू हो जाएगी।  

रिपोर्ट आने के बाद वाटर मेट्रो चलाकर लोगों को इसका फायदा मिलेगा। सूरत शहर की बढ़ती आबादी के कारण वाटर मेट्रो भविष्य में मास ट्रांसपोर्टेशन की दिशा में वरदान साबित होगी और सूरत शहर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए मुझे विश्वास है कि वाटर मेट्रो परियोजना भी काफी सफल होगी। 

 सूरत में वाटर मेट्रो कैसे सफल हो सकती है

 सूरत शहर की भौगोलिक स्थिति गुजरात के अन्य शहरों से बहुत अलग है। सूरत एक समुद्र तटीय शहर है, लेकिन तापी नदी सूरत शहर के बीच से होकर गुजरती है। यानी सूरत शहर तापी नदी के दोनों किनारों पर विकसित एक विकसित शहर है। तापी नदी के कारण ही सूरत शहर चौतरफा विकसित हो रहा है। आने वाले दिनों में सूरत शहर में एक और प्रोजेक्ट वाटर मेट्रो साकार हो सकती है। 

तापी नदी के किनारे बसा शहर होने के कारण वाटर मेट्रो वरदान साबित हो सकती है। वाटर मेट्रो को चलाने के लिए जरूरी भौगोलिक परिस्थितियों में सूरत शहर बिल्कुल फिट बैठता है और इसी के चलते एसएमसी आने वाले दिनों में सूरत तापी नदी पर वाटर मेट्रो चलाने की योजना बनाने का ठोस फैसला ले रही है। 

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