वन विभाग के रेस्क्यू के लिए सीएम साय ने दी बधाई

Tiger Reserve: छत्तीसगढ़ के कसडोल के पारस नगर सेक्टर से रेस्क्यू किए गए बाघ की दहाड़ अब गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व में गूंजेगी। वन विभाग के अधिकारियों ने रेस्क्यू किए गए बाघ को बुधवार को गुरूघासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में छोड़ दिया है।जिसके लिए सीएम साय ने अधिकारियों को बधाई दी.
Tiger Reserve: गुरू घासीदास तमोर पिंगला छत्तीसगढ़ का नया टाइगर रिजर्व
गुरू घासीदास तमोर पिंगला छत्तीसगढ़ का नया टाइगर रिजर्व है। बलौदाबाजार वनमंडल के कसडोल तहसील में बीते 8 माह से बारनवापारा वन क्षेत्र में विचरण कर रहे एक नर बाघ के कसडोल तहसील के ग्राम कोट पहुंचने की सूचना मिली थी।सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने बाघ का रेस्क्यू किया था। प्रधान मुख्य वन संरक्षक के निर्देश पर इस बाघ को नवगठित गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं क्षेत्र संचालक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व रायपुर समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
Tiger Reserve: सीएम साय ने भी जताई खुशी
सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा रेस्क्यू किए गए बाघ को आज सुरक्षित तरीके से गुरूघासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में बाघों के संरक्षण और संवर्धन के लिए ही भारत सरकार की ओर से ‘गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व‘ के रूप में एक नया टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है।
Tiger Reserve: देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व
बता दें कि गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। आंध्र प्रदेश के नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व और असम के मानस टाइगर रिजर्व के बाद देश में गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व आता है।
