बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बायसन लाने की तैयारी

MP NEWS: मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व वैसे तो बाघों के लिए जाना जाता है.लेकिन अब ये टाइगर रिजर्व बायसेन के लिए भी जाना जाएगा. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के प्रबंधन ने बायसन की हेल्दी पॉपुलेशन बढ़ाने लिए बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है, जिसके तहत बायसन प्रोजेक्ट-2 की तैयारी पूरी कर ली गई है. इसके तहत 50 स्वस्थ बायसन बांधवगढ़ के घने जंगलों में छोड़े जाएंगे.
MP NEWS: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बायसन लाने की तैयारी
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघों का दीदार भी होता है, लेकिन अब यहां के बायसन भी मशहूर होने जा रहे हैं. दरअसल बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के प्रबंधन ने बायसन की हेल्दी पॉपुलेशन बढ़ाने लिए बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है, जिसके तहत बायसन प्रोजेक्ट-2 की तैयारी पूरी कर ली गई है. इसके तहत 50 स्वस्थ बायसन बांधवगढ़ के घने जंगलों में छोड़े जाएंगे.
MP NEWS: 50 बायसन लाने की तैयारी
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर पीके वर्मा ने बताया है, ” बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 50 और बायसन लाने की तैयारी कर ली गई है, और ये बायसन सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से जाएंगे और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में छोड़े जाएंगे. सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से बायसन जनवरी 2025 की शुरुआत में ही जनवरी महीने के आखिरी में लाए जा सकते हैं. इसे बायसन प्रोजेक्ट टू के तहत देखा जा रहा है.
MP NEWS: बांधवगढ़ में अभी इतने बायसन?
ऐसा नहीं है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अभी बायसन नहीं हैं, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर पीके वर्मा ने बताया कि बांधवगढ़ में साल 2011-12 में कान्हा से 50 बायसन लाए गए थे, जिनकी संख्या अब 170 हो चुकी है, मतलब 120 बायसन बढ़ चुके हैं. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बायसन मगधी, कल्लवाह और ताला परिक्षेत्र के जंगलों के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्र में झुंड में दिखाई नजर आ जाते हैं.
MP NEWS: सतपुड़ा लाए जा रहे बायसन
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से 50 बायसन BTR में छोड़ने की तैयारी है, जिससे डाइवर्सिटी अच्छी रहेगी, लॉन्ग समय के लिए इनकी पॉपुलेशन भी हेल्दी होगी, और इनमें इम्यूनिटी भी बेस्ट डेवलप होगी, जिससे इनकी हेल्दी पॉपुलेशन बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बढ़ेगी. सतपुड़ा से लाए जाने वाले बायसन को पहले 30 दिनों तक वहां बाड़े में रखकर उनकी निगरानी की जाएगी. इसके बाद ही जंगल में छोड़ने की तैयारी की जाएगी. ये स्पेशल बाड़ा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कल्लवाह परिक्षेत्र के जंगलों में 50 हेक्टेयर रकबे में बनाने की तैयारी है.
