Not Eating on Time Effect Health: हमारी दिनचर्या में भोजन का समय उतना ही अहम है जितना भोजन का पोषण मूल्य। लेकिन आज की इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग देर रात तक जागते हैं, सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं, या फिर दिन भर बिजी रहते हैं, कभी ऑफिस के काम तो कभी पर्सनल काम की वजह से फिर अनियमित समय पर भोजन करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है? यह आदतें धीरे-धीरे हमारी सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं। इसलिए सही समय में खाना खाना बेहद जरूरी हैँ। आज हम इस लेख में खाने और ब्रेकफास्ट का सही समय क्या है, ब्रेकफास्ट स्किप करने से और अनियमित समय में खाना खाने से क्या नुकसान होते हैं। उसके बारें में बताएंगे।
Read More: Easy Nail Art at Home: नेल आर्ट का शौक लेकिन नहीं है समय? ये होम टिप्स आएंगे काम!
Not Eating on Time Effect Health: सही समय पर भोजन करना क्यों महत्वपूर्ण?
हमारा शरीर एक बायोलॉजिकल घड़ी के अनुसार काम करता है, यह घड़ी हमारे शरीर के मेटाबोलिज़्म, हार्मोन स्राव, नींद और भूख जैसे कई पहलुओं को नियंत्रित करता है। जब हम सही समय पर खाना खाते हैं, तो यह घड़ी सही तरीके से काम करती है और शरीर को ऊर्जा, पोषण मिलता है, परंतु अगर हम अनियमित समय पर खाना खाते हैं, तो यह घड़ी गड़बड़ा जाती है जिससे पाचन तंत्र, मेटाबोलिज़्म, और हार्मोन बैलेंस पर असर पड़ता है।
ब्रेकफास्ट का सही समय..
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेकफास्ट (नाश्ता) सुबह उठने के 1 से 2 घंटे के अंदर कर लेना चाहिए। और अगर सही समय की बात करें तो इसका सही समय सुबह 7:00 से 9:00 बजे के बीच होता है।

ब्रेकफास्ट जरूरी?
यह दिन की पहली ऊर्जा की खुराक होती है। ब्रेकफास्ट न करने से मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है। नाश्ता छोड़ने वाले लोगों में मोटापा, डायबिटीज और हृदय रोग का खतरा ज्यादा होता है।
1. अंडा, दही, दूध, मूंग दाल चिला
2. ओट्स, दलिया, फल
3. सूखे मेवे, मूंगफली
Not Eating on Time Effect Health: दोपहर में खाने का सही समय…
शरीर में ऊर्जा बनाए रखने के लिए हमें सही समय पर भोजन करना बहुत जरुरी है। दोपहर में खाना खाने का सही समय 12:30 से 2:00 बजे के बीच का होता है। लंच के समय पाचन अग्नि सबसे मजबूत होती है, जिससे खाना अच्छे से पचता है। लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर मसल्स ब्रेकडाउन करने लगता है, जिससे कमजोरी आती है।
रात के खाने का सही समय…
शरीर की ऊर्जा बनाए रखने और खुद को स्वस्थ रखने के लिए आपको शाम 6:30 से 8:00 बजे के बीच डिनर कर लेना चाहिए है। ध्यान रखें कि डिनर और सोने के बीच में कम से कम 2 से 3 घंटे का अंतर हो।
डिनर क्यों हल्का और जल्दी होना चाहिए?
1. रात में मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे भारी खाना पचने में मुश्किल होती है।
2. देर रात खाना एसिडिटी, गैस, और नींद में बाधा पैदा कर सकता है।
3. लगातार देर से खाना मोटापे, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ का कारण बनता है।
डिनर में क्या खाएं?
1. हल्की सब्ज़ी और रोटी, मूंग की दाल, खिचड़ी।
2. दही से बचें, खासकर अगर आपको सर्दी-जुकाम की समस्या रहती है।

Not Eating on Time Effect Health: सही समय पर खाना न खाने के नुकसान…
पाचन संबंधी समस्याएं..
देर रात खाना, अधिक समय तक भूखे रहना या अनियमित समय पर खाने से गैस, एसिडिटी, अपच और कब्ज जैसी समस्याएं होती हैं।
मोटापा और मेटाबोलिक डिसऑर्डर…
असमान समय पर खाना खाने से शरीर के मेटाबोलिज्म पर असर पड़ता है। यह शरीर में फैट स्टोरेज बढ़ा देता है, जिससे मोटापा बढ़ने लगता है।
डायबिटीज और शुगर का खतरा…
अनियमित भोजन से शुगर होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे रक्त में शुगर का स्तर असंतुलित रहता है। इससे टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है।
नींद का पूरा न होना…
भोजन और सोने के समय में अंतर नहीं रखने से नींद में खलल आता है। इससे थकान, गुस्सा, चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ता है। इसलिए खाना सही समय पर खाना चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य…
अनियमित समय भोजन करने से डिप्रेशन और एंग्जायटी की समस्या भी हो सकती है। इससे मूड स्विंग्स और मानसिक थकावट हो महसूस होती है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
डॉ. मीरा वर्मा (न्यूट्रिशनिस्ट) कहती हैं, “भोजन का समय और मात्रा एक जैसी नियमित होनी चाहिए। यह शरीर को आदर्श रूप से काम करने में मदद करता है और हमें रोगों से बचाता है।”
वहीं आयुर्वेदाचार्य डॉ. अंकुर गुप्ता के अनुसार, “दिन में जब सूर्य की अग्नि तीव्र होती है, उस समय पाचन की अग्नि भी मजबूत होती है। इसलिए दोपहर का खाना सबसे भारी होना चाहिए, और रात का सबसे हल्का।”
