प्रेम कहानी का अंत
ये लाशे थी क्रिकेटर सुमित और उसकी गर्लफ्रेंड रेखा की। यह महज सुसाइड नहीं था, बल्कि एक ऐसी प्रेम कहानी का अंत था जिसे ‘जाति’ के अहंकार और ‘समाज’ के डर ने घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। पुलिस की जांच और एक साल पुराने एक ‘माफीनामे’ ने इस पूरी वारदात के पीछे छिपे दर्द और जातिगत नफरत की परतों को खोलकर रख दिया।

दोस्ती फिर प्यार
इस महोब्बत की कहानी की शुरूआत होती है दिल्ली की त्रिलोकपुरी की एक पब्लिक स्कूल से। सुमित और रेखा ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई एक साथ की। ये दोस्ती को धीरे-धीरे प्यार में बदल गई, और उन्हें पता भी नहीं चला। दोनों के परिवार पहले ही एक-दूसरे को जानते थे। पढ़ाई के बहाने सुमित का रेखा के घर आना-जाना लगा रहता था। सुमित एक बेहतरीन क्रिकेटर था। दाएं हाथ का यह बल्लेबाज UP-राजस्थान से लेकर गुजरात और मध्य प्रदेश के मैदानों अपनी धाक जमाई थी।
सुमित का करियर खत्म
इस प्रेम कहानी के अंत की शुरूआत 2019 में हुई। नोएडा के सेक्टर-107 में सुमित का एक रोड एक्सीडेंट हुआ। डॉक्टरों ने कह दिया कि वह अब कभी सुमित क्रिकेट नहीं खेल पाएगा। इस हादसे के बाद सुमित करियर और दोनों के सपने चकनाचूर हो गए, लेकिन रेखा की मोहब्बत नहीं डगमगाई। वह अस्पताल से लेकर घर तक सुमित के साथ रहती थी। 7 महीनों की रिकवरी के बाद दोनों परिवारों को उनके रिश्ते की गहराई का अहसास हुआ।
Noida Valentine’s Day Murder: जाति बनी दुशमन
सुमित के परिवार को इस रिश्ते से कोई ऐतराज नहीं था, लेकिन रेखा की फैमली इस शादी के सख्त खिलाफ थी। बाधा सिर्फ करियर की नहीं थी, बल्कि ‘बिरादरी’ की थी। सुमित वाल्मीकि समाज से ताल्लुक रखता था और रेखा कायस्थ परिवार से। ऊंची जाति की लड़की पिछड़ी जाति के लड़के से शादी कैसे करती। रेखा के परिवार ने उस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। सुमित के भाई सचिन का आरोप है कि रेखा के परिजनों ने सुमित को धमकाया था। उन्हें डर था कि ‘नीची जाति’ के लड़के से शादी करने पर समाज में उनकी प्रतिष्ठा धूल में मिल जाएगी।
सुमित का माफीनामा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2025 की शुरुआत में विवाद इतना बढ़ा कि रेखा के चचेरे भाई ने सुमित को पकड़ लिया और उस पर छेड़खानी का केस दर्ज कराने की धमकी दी। पुलिस की छानबीन में सुमित का एक साल पुराना नोट मिला, जो इस कहानी के दर्द को बयां करता है।
सुमित ने लिखा था,रेखा से मेरा कोई रिश्ता नहीं है। अगर मैं उसे किसी भी तरह से परेशान करूं, तो मेरे खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इसका जिम्मेदार मैं खुद होऊंगा।

‘प्लीज शिकायत मत करना’
यह नोट उस दबाव का सबूत था जो सुमित पर बनाया गया था। सुमित ने सोशल मीडिया चैट पर भी रेखा की फैमली से माफी मांगी थी, जिसमें वह गिड़गिड़ा रहा था कि प्लीज शिकायत मत करना, मैं अब उससे नहीं मिलूंगा। रेखा ने भी सुमित के फोन उठाने कम कर दिए थे। सुमित ने रेखा के लिए नोएडा में 1 करोड़ का फ्लैट भी खरीदा था, वह उसे खुश रखने के लिए हमेशा महंगे गिफ्ट देता था।

Noida Valentine’s Day Murder: मौत की कहानी
13 फरवरी 20226 की दोपहर 3 बजे सुमित अपनी कार लेकर निकला। 3:39 पर उसने रेखा को मैसेज किया, कि ‘मैं मरने जा रहा हूं।’ घबराकर रेखा ने उसे कॉल किया और ऑफिस के सुमित को बाहर मिलने बुलाया। वह सुमित को समझाने के लिए आई थी। शाम 6 बजे जब रेखा घर नहीं आई, तो परिजनों ने तलाश शुरू की। सुमित का फोन भी बंद था, जबकि रेखा का फोन 14 फरवरी की सुबह तक ऑन ही था लेकिन कोई फोन उठा नहीं रहा था।
1 कार 2 लाशें
Noida Valentine’s Day Murder: 14 फरवरी को सेक्टर-39 पुलिस को सूचना मिली कि एक सफेद कार सुनसान जगह पर लावारिस खड़ी है। पुलिस मौके पर पहुंची और जब पुलिस ने शीशा तोड़ा, तो अंदर का मंजर बेहद भयानक था। सुमित के हाथ में पिस्टल थी और दोनों के सिर में गोलियां लगी हुई थीं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक रिपोर्टंस के मुताबिक सुमित ने पहले रेखा को गोली मारी और फिर खुद को खत्म कर लिया। कार के अंदर से 2 खोखे बरामद हुए। चौंकाने वाली बात यह है कि सेक्टर-107 में जहां कभी सुमित का एक्सीडेंट हुआ था, उसी के पास उनकी लाशें मिलीं।
