no kings rally trump parade shooting 2025 : ट्रंप की मिलिट्री परेड के बीच ‘नो किंग्स’ रैली में गोलीबारी
no kings rally trump parade shooting 2025 : वॉशिंगटन/साल्ट लेक सिटी: अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मिलिट्री परेड के विरोध में चल रहे ‘नो किंग्स’ आंदोलन ने हिंसक मोड़ ले लिया। शनिवार को साल्ट लेक सिटी में हुई रैली में हुई गोलीबारी में 1 व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल हो गया।
यह हादसा तब हुआ जब एक युवक ने हथियार लेकर प्रदर्शनकारियों की ओर बढ़ने की कोशिश की। तभी प्रदर्शन में शामिल 24 वर्षीय आर्टुरो गैंबोआ ने हमला कर उसे रोकने की कोशिश की। इसी झड़प में राहगीर आर्थर फोलासा आह लू (39) को गोली लग गई, जिनकी बाद में अस्पताल में मौत हो गई।
🎯 क्या है ‘नो किंग्स’ आंदोलन?
इस आंदोलन का उद्देश्य है तानाशाही प्रवृत्ति और ट्रंप की सत्ता में वापसी के प्रयासों का विरोध करना। आंदोलनकारियों का कहना है –
“अमेरिका किसी एक व्यक्ति की जागीर नहीं है, यह 330 मिलियन लोगों का लोकतंत्र है।”
14 जून, ट्रंप के 79वें जन्मदिन पर, अमेरिका के 50 राज्यों में 2,000 से अधिक शहरों में एक साथ विरोध प्रदर्शन हुए। इस आंदोलन को नाम दिया गया “50 स्टेट्स, 50 प्रोटेस्टर्स, वन मूवमेंट”।

🛡️ ट्रंप की 250वीं मिलिट्री परेड: शक्ति प्रदर्शन या चुनावी हथकंडा?
वाशिंगटन डीसी में 34 साल बाद इतनी भव्य मिलिट्री परेड का आयोजन हुआ, जिसमें:
- 6,700 सैनिक,
- 128 सैन्य वाहन,
- 62 लड़ाकू विमान,
- टैंक,
- ड्रोन,
- और रोबोटिक डॉग्स तक शामिल थे।
ट्रंप ने इसे अमेरिकी ताकत और सेना के बलिदान का प्रतीक बताया। हालांकि, विरोधियों ने इसे तानाशाही स्टाइल का इवेंट करार दिया। अनुमान है कि इस परेड पर करीब $25-45 मिलियन (₹200-375 करोड़) खर्च हुआ।
🧨 प्रदर्शन में क्या-क्या हुआ?
- न्यूयॉर्क में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने पेपर स्प्रे किया।
- स्पोकेन (वॉशिंगटन स्टेट) में 30 से ज्यादा गिरफ्तारियां।
- फिलाडेल्फिया में सबसे बड़ा विरोध मार्च।
- शिकागो, एंकोरेज, ऑस्टिन जैसे शहरों में हजारों की भीड़।
🧠 राजनीतिक संदेश और ट्रंप की छवि
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने इस परेड को अपने राजनीतिक ब्रांडिंग का हिस्सा बना दिया। यह दिन न केवल उनका जन्मदिन था, बल्कि इस आयोजन से उन्होंने 2024 के चुनावी एजेंडे की झलक भी दी।
ट्रंप ने कहा:
“अब समय आ गया है कि अमेरिका भी अपनी सेना की ताकत पर गर्व करे और जश्न मनाए जैसे दूसरे देश करते हैं।”
🚨 गोलीबारी का मामला: गन कल्चर पर फिर बहस
आंदोलन के बीच हुई गोलीबारी की घटना ने अमेरिका के गन कानूनों की कमजोरी पर फिर बहस छेड़ दी है।
- आरोपी आर्टुरो गैंबोआ को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।
- पुलिस मामले की जांच कर रही है कि गोली चलाने वाला व्यक्ति रैली पर हमला करने के इरादे से आया था या नहीं।
🔚 अमेरिका की लोकतांत्रिक लड़ाई जारी है
“नो किंग्स” रैली सिर्फ ट्रंप विरोध नहीं, बल्कि एक लोकतंत्र बनाम तानाशाही की लड़ाई का प्रतीक बन चुकी है। जहां एक तरफ शक्ति प्रदर्शन के ज़रिए ट्रंप चुनावी रिटर्न का रास्ता बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जनता सड़कों पर उतरकर यह संदेश दे रही है कि अमेरिका किसी राजा का देश नहीं है।
🗣️ क्या अमेरिका लोकतांत्रिक रास्ते पर लौटेगा या ट्रंप की छाया और गहराएगी? अपनी राय नीचे कमेंट करें और इस खबर को शेयर करें।
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