No-confidence motion against Birla:विपक्ष ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए सदन में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव के समर्थन में 50 से ज्यादा सांसद खड़े हुए। इसके बाद सभापति जगदंबिका पाल ने प्रस्ताव को पेश करने की अनुमति दे दी। अब इस प्रस्ताव पर 10 घंटे चर्चा चलेगी।

स्पीकर पर पक्षपात का आरोप
अविश्वास प्रस्ताव पेश होने से पहले AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि ओम बिरला ने ही जगदंबिका पाल को सभापति बनाया है, इसलिए इस मामले में जगदंबिका पाल सदन की कार्यवाही नहीं चला सकते। पाल पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। इस दौरान कांग्रेस ने स्पीकर की गैर-मौजूदगी में डिप्टी स्पीकर के नियुक्त ना करने पर भी सवाल उठाए।
No-confidence motion against Birla:सदन में हंगामा
इससे पहले लोकसभा की कार्यवाही केवल 35 मिनट तक ही चली। लोकसभा शुरू होते ही विपक्ष ने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध, भारत पर इसके असर और देश के एनर्जी सेक्टर के हालात पर चर्चा की मांग पर हंगामा किया था। विपक्ष ने ‘देश को बचाना है, मोदी को हटाना है, ‘मोदी सरकार शेम-शेम’, ’वोट चोर गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए। साथ ही चुनाव आयोग पर वोट की दलाली करने का भी आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
‘वोट बैंक की राजनीति’
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि गेहूं उत्पादन में भारत ने चीन को पीछे छोड़कर विश्व में नंबर 1 हो गया है। विपक्ष निचले स्तर की राजनीति कर रहा है। देश विपक्ष का तमाशा देख रहा है। शिवराज सिंह ने कहा कि विपक्ष ने पश्चिम बंगाल में प्राकृतिक खेती मिशन को लागू नहीं होने दिया था। ये केवल अपने वोट बैंक की राजनीति करने में लगे रहते हैं।

‘हमारे कॉम्प्रोमाइज्ड PM’
वहीं राहुल गांधी ने कहा- पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध हमारी अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है, लेकिन हमारे कॉम्प्रोमाइज्ड PM में इस पर चर्चा करने का साहस नहीं है। शेयर बाजार गिर रहा है, LPG की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच रही हैं। इसका सीधा असर आम आदमी, घरेलू बजट और छोटे और मध्यम व्यवसायों पर पड़ रहा है। PM मोदी को ब्लैकमेल किया जा रहा है। उनके पास जनता के हितों को बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
‘LOP को बोलने नहीं दिया गया’
No-confidence motion against Birla:उपनेता प्रतिपक्ष गौरव गोगोई ने कहा, हमने देखा जब LOP खड़े हुए बोलने के लिए खड़े हुए तब 20 बार उन्हें टोका गया। गृह मंत्री शाह, संसदीय मंत्री, रक्षा मंत्री बार बार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलने से रोका गया। वे केवल यह कहना चाहते थे कि जब सेना को देश के नेताओं की जरूरत थी तब उन्होंने कहा था कि जो करना है कर लो।
चुनाव आयुक्त के खिलाफ ‘नो कॉन्फिडेंस मोशन’
सूत्रों के अनुसार, विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी ‘नो कॉन्फिडेंस मोशन’ लाने की तैयारी कर रहा है। इसका ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। अगले सप्ताह प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
