Nitin Gadkari Satpura Tiger Reserve visit : केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के भ्रमण के लिए बैतूल जिले के ग्राम चूरना पहुंचे। उनका यह दौरा निजी था लेकिन इस दौरान आसपास के क्षेत्रों में सड़कें, विकास और स्थानीय मुद्दे भी चर्चा में रहे।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में गडकरी का दौरा
नितिन गडकरी परिवार सहित दो दिन के प्रवास पर रिसॉर्ट में ठहरे। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता और बाघों के संरक्षण के लिए देशभर में प्रसिद्ध है, जिसके चलते केंद्रीय मंत्री का यहां पहुंचना सवालों और अपेक्षाओं के केंद्र में रहा।
कांग्रेस का विरोध
गडकरी के आगमन से पहले बैतूल-छिंदवाड़ा मार्ग के कुंडी टोल प्लाजा पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि सड़कों की दुर्दशा को केवल दौरे के लिए लीपापोती कर सुधारा गया, जबकि बरसात में सड़कें पहले से लगभग पूरी तरह खराब थीं। यह प्रदर्शन स्थानीय मांगों और सड़क की वास्तविक स्थिति को उजागर करने के मकसद से किया गया।
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सड़क डामरीकरण का मुद्दा
बारिश के कारण सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और आसपास के इलाकों की सड़कें गड्ढों और कीचड़ से भर गई थीं। गडकरी के दौरे से ठीक पहले इन सड़कों पर डामरीकरण कर, गड्ढे पाटे गए जिससे मंत्री के दौरे में कोई असुविधा न रहे। कांग्रेस समेत स्थानीय जनता ने यह मुद्दा मीडिया में भी उठाया कि समारोहपूर्वक सड़क डामराई जाती है लेकिन बारिश में इनका हाल बेहद खराब रहता है।
सतपुड़ा रिजर्व का पर्यटन
गडकरी पहले ही जबलपुर-सतपुड़ा फोरलेन सड़क, टाइगर रिजर्व के लिए टाइगर कॉरिडोर और क्षेत्रीय टूरिज्म को बढ़ावा देने की कई परियोजनाओं की घोषणा कर चुके हैं। इन योजनाओं से सतपुड़ा क्षेत्र की कनेक्टिविटी और पर्यटन को व्यापक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, लेकिन जमीनी हकीकत में सड़कों की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर आम जनता अब भी गंभीर सवाल उठा रही है।
गडकरी के सतपुड़ा दौरे ने प्रदेश के पर्यटन, सड़कों और राजनीति को नया विमर्श दिया। कांग्रेस का विरोध और बारिश में सड़क की खस्ताहाली ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए हैं। क्षेत्र के विकास और पारदर्शिता के लिए अब दीर्घकालिक हल और जन-जवाबदेही महत्वपूर्ण है।
