Niti aayog meeting 2025: आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 10वीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। बैठक का मुख्य एजेंडा ‘विकसित राज्य के लिए विकसित भारत@2047’ (Viksit Rajya for Viksit Bharat@2047) रहा, जिसके तहत देश को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में ठोस रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में देशभर के मुख्यमंत्रियों, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों, केंद्रीय मंत्रियों और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने पर जोर
बैठक में राज्यों और केंद्र के बीच सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि यदि प्रत्येक राज्य विकसित होगा, तभी भारत विकसित बन सकेगा। उन्होंने राज्यों से ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया ताकि भारत अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी तक एक विकसित राष्ट्र बनने के अपने लक्ष्य को हासिल कर सके। इस दौरान उन्होंने राज्यों से दीर्घकालिक और समावेशी विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने की अपील की, जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ-साथ स्थानीय जरूरतों को भी ध्यान में रखे।
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‘विकसित भारत-विकसित राज्य’ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में उत्तर प्रदेश की ओर से राज्य की प्रगति और विकास योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ‘विकसित भारत-विकसित राज्य’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। योगी ने जोर देकर कहा कि नया उत्तर प्रदेश ‘टीम इंडिया’ के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिए तैयार है। उन्होंने राज्य में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं, निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियों और युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों का उल्लेख किया, जो केंद्र सरकार की ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप हैं।
Niti aayog meeting 2025: उद्यमिता को बढ़ावा देने पर चर्चा
बैठक में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास को मजबूत करने और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा, हरित अर्थव्यवस्था के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। राज्यों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को निर्धारित करें और हरित प्रौद्योगिकियों को अपनाने की दिशा में कदम उठाएं, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नए रोजगार के अवसर भी सृजित किए जा सकें।
रोजगार और कौशल को बढ़ावा देना विषय
Niti aayog meeting 2025: नीति आयोग की इस बैठक को केंद्र और राज्यों के बीच विकासात्मक चुनौतियों पर सहमति बनाने का एक मंच माना जाता है। यह बैठक 13 से 15 दिसंबर 2024 के बीच आयोजित चौथे राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन के थीम्स पर भी सहमति बनाने पर केंद्रित थी, जिसमें ‘उद्यमिता, रोजगार और कौशल को बढ़ावा देना’ जैसे विषय शामिल थे। इस दौरान राज्यों से यह भी अपेक्षा की गई कि वे अपने अद्वितीय भौगोलिक और जनसांख्यिकीय लाभों का उपयोग करते हुए मानव विकास, आर्थिक प्रगति, स्थिरता, प्रौद्योगिकी और सुशासन पर ध्यान दें।
