nia raid amritsar grenade attack : ड्रग माफिया चीता के भाई निकले मास्टरमाइंड, 15 ठिकानों पर NIA के छापे 🚨
nia raid amritsar grenade attack : जनवरी 2025 में पंजाब के अमृतसर जिले की गुमटाला पुलिस चौकी पर हुए ग्रेनेड हमले ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया था। अब इस हमले की जांच तेज करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस केस में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
NIA ने पंजाब और हरियाणा में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) आतंकी संगठन से जुड़े 15 ठिकानों पर छापेमारी की है और बड़ी संख्या में डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और संदिग्ध सामग्री जब्त की है।
अमेरिका से आया था फंडिंग का पैसा
जांच के दौरान सामने आया कि इस हमले की फंडिंग अमेरिका से की गई थी। अमेरिका में रहने वाले सरवन सिंह उर्फ भोला ने इस हमले के लिए रकम भेजी थी। इस रकम को बग्गा सिंह उर्फ रिंकू और मनदीप सिंह मग्गा तक पहुँचाया गया।
बग्गा को पंजाब पुलिस ने फरवरी 2025 में गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मनदीप अभी भी फरार है। दोनों के तार सीधे तौर पर आतंकी गतिविधियों और नार्को-टेरर नेटवर्क से जुड़े हैं।
💣 गैंगस्टर हैप्पी पासियां ने ली थी जिम्मेदारी
हमले के कुछ समय बाद ही सोशल मीडिया पर गैंगस्टर हैप्पी पासियां ने इस ग्रेनेड अटैक की जिम्मेदारी ली थी। वह BKI से जुड़ा हुआ बताया गया है और प्रतिबंधित संगठनों की ओर से पुलिस तंत्र को चुनौती देने की साजिश में शामिल था।
NIA की जांच से यह भी सामने आया है कि यह हमला उत्तरी भारत में पुलिस स्टेशनों पर किए जा रहे एक बड़े आतंकी अभियान का हिस्सा था, जिसमें कई अन्य टारगेट भी शामिल थे।
🧠 असली मास्टरमाइंड: ड्रग माफिया चीता के भाई
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस आतंकी हमले के पीछे जो लोग हैं, उनके तार कुख्यात ड्रग तस्कर रंजीत सिंह उर्फ चीता से जुड़े हुए हैं। सरवन सिंह भोला और मनदीप मग्गा उसी चीता के भाई हैं, जिसे 532 किलो हेरोइन की तस्करी के मामले में सिरसा से गिरफ्तार किया गया था।
भोला और मग्गा पहले भी नार्को-टेरर फंडिंग और आतंकी संगठनों की लॉजिस्टिक मदद में आरोपी रह चुके हैं। ऐसे में अब यह स्पष्ट होता जा रहा है कि पंजाब में ड्रग्स और आतंक की गंभीर साठगांठ सक्रिय है।
🔍 किन-किन जगहों पर हुए छापे?
गुरुवार को NIA की टीमें पंजाब के:
- अमृतसर
- तरनतारन
- फिरोजपुर
- पठानकोट
- कपूरथला
- रूपनगर
और हरियाणा के:
- सिरसा
में 15 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापे मारे। इन छापों में एजेंसी ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, विदेशी बैंक ट्रांजैक्शन दस्तावेज और कई संदिग्ध डिजिटल फाइलें बरामद की हैं।
⚖️ जांच का अगला कदम
एनआईए अब इन सभी डिजिटल डिवाइसेज और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि आतंकी नेटवर्क की गहराई, उसके फंडिंग स्रोत और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पूरी जानकारी प्राप्त की जा सके।
संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस केस में अधिक गिरफ्तारियां हो सकती हैं और नए नाम सामने आ सकते हैं।
🛑 पंजाब में खतरे की घंटी
इस केस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पंजाब में ड्रग्स और आतंक का गठजोड़ न केवल सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है।
जहां एक ओर विदेशों से बैठे लोग भारत में आतंक फैलाने की साजिश रच रहे हैं, वहीं स्थानीय नेटवर्क उनका साथ दे रहे हैं। ये जांचें अब उन पर शिकंजा कसने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही हैं।
📱 सोशल मीडिया पर NIA की कार्रवाई ट्रेंड में
एनआईए की ताबड़तोड़ रेड की खबरें सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रही हैं। ट्विटर और फेसबुक पर #NIARaid, #AmritsarGrenadeAttack, #BabbarKhalsa, और #NarcoTerror जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
लोग सरकार और एजेंसियों से यह मांग कर रहे हैं कि पंजाब में नार्को-टेरर नेटवर्क पर पूरी तरह शिकंजा कसा जाए।
एनआईए की छापेमारी और खुलासों ने पंजाब में एक बार फिर उस खतरनाक सच्चाई को उजागर कर दिया है, जहां ड्रग तस्कर, आतंकी संगठन और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग नेटवर्क मिलकर भारत की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती दे रहे हैं।
अब देश को यह समझना होगा कि यह केवल पुलिस या एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भी जिम्मेदारी है कि वह सतर्क रहे और ऐसी गतिविधियों की जानकारी दे।
🔚 आप क्या सोचते हैं?
क्या आपको लगता है कि NIA की कार्रवाई से आतंक और ड्रग्स नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सकता है?
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