आधुनिकता के इस दौर में महंगी डोली के बजाए बैलगाड़ी में सवार होकर दुल्हन पहुंची मंडप में बैलगाड़ी में सवार दुल्हन को देखकर बाराती और ग्रामीण भी हुए उत्सुक, दुल्हन जागृति ने कहा कि नए परिवेश में सनातन और पुरानी परम्परा को जीवित रखने के लिए डोली के बजाए बैलगाड़ी में हुई थी सवार
बराती और ग्रामीण उत्सुकता के साथ देखने उमड़े
जिले के बड़गांव इलाके में जागृति की शादी खामखेड़ा निवासी शुभम छापरिया के साथ हुई सम्पन्न समाजसेवी छगनलाल पटेल बड़गांव की बेटी जागृति की शादी श्रीराम छापरिया खामखेड़ा के बेटे शुभम् से आज तीन दिसंबर को हुई। बड़गांव में जागृति डोली पर बैठकर नहीं बैलगाड़ी पर बैठकर आई। आधुनिक परिवेश में बैलगाड़ी पर बैठकर मंडप तक आई दुल्हन को बैलगाड़ी पर आता देखकर सभी बराती और ग्रामीण उत्सुकता के साथ देखने उमड़े। जागृति का कहना है कि सनातन को परम्परा को जिंदा रखने का प्रयास किया। नए परिवेश में भी पुरानी परम्पराओं को निभाए उसमें शादी के इंजॉय ओर बढ़ जाते हैं। आत्मीयता जुड़ जाती है
