new railway timetable january: नए साल की शुरुआत के साथ ही रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है. 1 जनवरी से भारतीय रेलवे की नई ट्रेन समय सारिणी लागू होगी. जिससे यात्राएं न केवल तेज होंगी बल्कि पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक भी बनेंगी । कई रूट्स पर यात्री अपने गंतव्य तक 20 से 30 मिनट पहले पहुंच सकेंगे. रेलवे की यह पहल खासतौर पर दैनिक यात्रियों और लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वालों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
नई समय सारिणी में क्या-क्या बदलेगा?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार अपडेटेड टाइम टेबल को यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। नई ट्रेनों की शुरुआत. कुछ ट्रेनों के मार्ग का विस्तार. चयनित ट्रेनों की आवृत्ति में वृद्धि. आगमन और प्रस्थान समय में बदलाव, 61 ट्रेनों को नए स्टॉपेज. इन बदलावों से छोटे स्टेशनों तक रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
new railway timetable january: कई ट्रेनें बनेंगी और तेज
नई समय सारिणी के तहत 2 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को सुपरफास्ट श्रेणी में बदला गया है, 89 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई है. 66 ट्रेनों के समय में 30 मिनट या उससे अधिक का बदलाव किया गया है इससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी ।
12 नई ट्रेनें, 164 नए स्टॉपेज
रेलवे के अनुसार 12 जोड़ी नई ट्रेनें शुरू होंगी, 4 जोड़ी ट्रेनों के रूट बढ़ाए गए हैं. 2 ट्रेनों के टर्मिनल बदले गए हैं 164 ट्रेनों को नए स्टॉपेज मिले हैं, जिनमें से 61 स्टॉपेज 1 जनवरी से लागू होंगे.
सिग्नलिंग और सुरक्षा में तकनीकी बदलाव
रेलवे ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए 6,656 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम. 10,098 लेवल क्रॉसिंग पर इंटरलॉकिंग. 6,142 ब्लॉक सेक्शन में एक्सल काउंटर सिस्टम और 6,341 रूट किलोमीटर पर ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को लागू किया है.
गति क्षमता में बड़ा इजाफा
रेलवे नेटवर्क की स्पीड कैपेसिटी में भी बड़ा बदलाव आया है
- 130 किमी/घंटा से अधिक: 5,036 किमी (2014) → 23,010 किमी (2025)
- 110–130 किमी/घंटा: 26,409 किमी → 60,726 किमी
आधुनिक तकनीक से ट्रैक मेंटेनेंस
रेलवे ने Integrated Track Monitoring System (ITMS), Oscillation Monitoring System (OMS), Web-enabled Track Management System (TMS) जैसी तकनीकों को अपनाकर रखरखाव को और बेहतर बनाया है।
