इजरायली बंधकों की जान पर मंडराया खतरा, बिग गाजा प्लान से सेना असहमत
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा पट्टी पर पूर्ण सैन्य नियंत्रण और कब्जे की योजना तैयार की है। यह कदम युद्ध की शुरुआत के करीब दो साल बाद उठाया जा रहा है। हालांकि, इस पर इजरायली सेना के शीर्ष कमांडर सहमत नहीं हैं।

IDF चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने योजना का विरोध करते हुए चेताया कि इससे बंधक बने 20 इजरायली नागरिकों की जान खतरे में पड़ जाएगी और यह गाजा में एक लंबा और थकाऊ युद्ध शुरू कर देगा।
सेना बनाम नेतन्याहू: आंतरिक टकराव
नेतन्याहू के सहयोगी मंत्री जमीर के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
उनका कहना है:
“अब फैसला हो चुका है। गाजा पर पूर्ण कब्जे की ओर बढ़ना है। अगर जमीर को मंजूर नहीं, तो इस्तीफा दें।”
गौरतलब है कि पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट को नवंबर 2024 में हटा दिया गया था मार्च 2025 में IDF के पूर्व चीफ हर्शी हलेवी ने भी इस्तीफा दिया आंतरिक खुफिया प्रमुख रॉनन बार को हटाने की कोशिश कोर्ट ने रोक दी।
गाजा के 23 लाख लोगों का क्या?
नेतन्याहू के कट्टरपंथी सहयोगी – वित्त मंत्री बेजालेल स्मोटरिच और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर हैं…गाजा पर सैन्य शासन लागू करने और यहूदी बस्तियों की दोबारा स्थापना की मांग कर रहे हैं। वे गाजा को इजरायल में विलय करने की योजना भी आगे बढ़ा रहे हैं।

इस स्थिति में सबसे बड़ा सवाल यही है – गाजा में रहने वाले 23 लाख फिलिस्तीनियों का भविष्य क्या होगा?
यूनिसेफ की रिपोर्ट चौंकाने वाली
यूनिसेफ की नई रिपोर्ट के अनुसार हर दिन औसतन 28 बच्चे मारे जा रहे हैं, अब तक 18,000 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई है मौतों के कारण बमबारी, कुपोषण, और मानवीय सहायता का अभाव है पिछले 24 घंटे में एक बच्चे समेत 8 लोगों की मौत भुखमरी से हुई है अब तक 188 मौतें भूख के कारण, जिनमें 94 बच्चे शामिल हैं

गाजा को लेकर नेतन्याहू के ‘बिग प्लान’ ने इजरायल के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के बीच गहरी दरार पैदा कर दी है। सेना का मानना है कि यह योजना न केवल बंधकों की जान को जोखिम में डालती है, बल्कि इजराइल को एक लम्बे और अस्थिर युद्ध में घसीट सकती है।
