
कभी-कभी एक छोटा सा कदम बड़ी उम्मीदों का कारण बनता है।
netanyahu apologizes qatar: 20 दिन पहले हुए दोहा हमले के बाद, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आखिरकार कतर से माफी मांगी है। यह माफी सिर्फ एक कूटनीतिक कदम नहीं, बल्कि गाजा युद्ध में शांति स्थापित करने की दिशा में एक संभावित मोड़ हो सकती है। नेतन्याहू का यह कदम, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दबाव में लिया गया, और इसका उद्देश्य गाजा में शांति वार्ता को फिर से गति देना है। लेकिन सवाल ये है कि क्या यह माफी असल में किसी बड़े बदलाव की ओर इशारा करती है?
netanyahu apologizes qatar: 9 सितंबर 2025 को,
इजराइली सेना ने दोहा में एक एयर स्ट्राइक की थी, जिसका मुख्य लक्ष्य हमास के वरिष्ठ नेता खलील अल-हय्या को निशाना बनाना था। हालांकि, अल-हय्या बच गए, लेकिन इस हमले में 6 लोगों की जान चली गई, जिनमें एक कतर का अधिकारी भी शामिल था। इस हमले के बाद कतर, जो खुद एक मध्यस्थ के रूप में शांति प्रक्रिया में शामिल था, नाराज हो गया था।
अब, लगभग तीन हफ्तों बाद,
नेतन्याहू ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी से फोन पर माफी मांगी। यह माफी, ट्रम्प के निर्देशन में दी गई थी। ट्रम्प ने नेतन्याहू से फोन करके यह कहा कि इस कदम से गाजा में शांति की दिशा में एक नया मोड़ आ सकता है। ट्रम्प ने गाजा युद्ध के मुद्दे पर हस्तक्षेप करने के लिए नेतन्याहू से बात की और सीजफायर की संभावना पर चर्चा की।
netanyahu apologizes qatar: कतर के साथ रिश्तों में खटास
आने के बावजूद, नेतन्याहू ने कतर की संप्रभुता का उल्लंघन करने पर गहरा दुख व्यक्त किया। उनका यह बयान एक संवेदनशील कूटनीतिक कदम है, जो न केवल कतर के साथ रिश्तों को सुधारने का प्रयास है, बल्कि गाजा युद्ध में शांति लाने की संभावनाओं को भी बढ़ावा देता है।

कतर के लिए यह माफी क्यों महत्वपूर्ण है?
कतर और इजराइल के बीच तनाव का कारण सिर्फ यह हमला नहीं था, बल्कि कतर का गाजा में इजराइल और हमास के बीच शांति वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका भी थी। जब से इजराइल ने कतर के अधिकारी की हत्या की, तब से कतर ने शांति प्रक्रिया से खुद को अलग कर लिया था। यह माफी इस दिशा में एक अहम कदम हो सकती है, जिससे कतर एक बार फिर शांति वार्ता में अपनी भूमिका निभा सके।
netanyahu apologizes qatar: ट्रम्प के लिए भी कतर महत्वपूर्ण है।
कतर ने 2025 में ट्रम्प को एक शानदार तोहफा दिया था—400 मिलियन डॉलर का बोइंग 747-8 विमान। इसके अलावा, कतर में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य बेस है और वह गाजा में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ भी है।
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