नेपाल प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा: हम जीरो स्टेट की स्थिति में हैं
nepal pm sushila karki: नेपाल की राजधानी काठमांडू में 9 सितंबर को हुए भीषण आगजनी ने देश के सरकारी ढांचे को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। सिंह दरबार में लगी आग ने नेपाल की प्रशासनिक और कानूनी प्रणाली को बर्बाद कर दिया है, जिससे सरकार और आम नागरिकों को गहरी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं।

नई प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने शपथ लेने के बाद कहा,
“हम शून्य स्थिति में हैं। हमारे पास कैबिनेट है, लेकिन मंत्रालयों के पास न तो इमारतें बची हैं और न ही जरूरी दस्तावेज।” सिंह दरबार, जो पहले नेपाल के 20 से ज्यादा मंत्रालयों का केंद्र हुआ करता था, अब मलबे में तब्दील हो चुका है।
सिंह दरबार में आग से नष्ट हुआ सरकारी ढांचा
आग ने संसद, भ्रष्टाचार विरोधी अदालत, और कई मंत्रालयों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इसके साथ ही, देश के महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, कंपनी रजिस्ट्रेशन, और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के मूल कागजात जलकर राख हो गए। सुप्रीम कोर्ट की 60 हजार से ज्यादा फाइलें आग में जल गईं, जिससे अदालतों का काम ठप हो गया।
पहचान और स्वत्व साबित करने में असमर्थ…जनता
जनता भी परेशान है क्योंकि उनके दस्तावेज जलने के बाद अब वे अपनी पहचान और स्वत्व साबित करने में असमर्थ हैं। काठमांडू के राजेंद्र श्रेष्ठ ने अपनी जली हुई बाइक को पहचानते हुए कहा, “यह मेरी है, लेकिन पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।” एक अन्य नागरिक ने कहा, “अब मेरा जन्म प्रमाण पत्र और जमीन के दस्तावेज़ जल गए हैं, और मैं अब अपनी पहचान साबित नहीं कर सकता।”
पुलिसकर्मी तंबुओं में काम कर रहे हैं
काठमांडू घाटी में 112 पुलिस स्टेशन भी आग में पूरी तरह तबाह हो गए हैं। पुलिसकर्मी तंबुओं में बैठकर काम कर रहे हैं, और सरकारी गाड़ियों का अभाव है क्योंकि बहुत सारी गाड़ियां भी जलकर राख हो गईं। आम नागरिकों को जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, पेंशन, और बैंकिंग सेवाओं के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आर्थिक और राजनीतिक संकट
इस घटना ने नेपाल की आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है। हर दिन 2 हजार से अधिक नेपाली विदेश पलायन कर रहे हैं, जो पहले से ही आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री ओली की स्थिति
नेपाल के अपदस्थ प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने 9 दिन तक सेना की सुरक्षा में बिताए, और फिर भक्तपुर जिले के गुंडु क्षेत्र स्थित अपने निजी आवास में पहुंचे। 9 सितंबर को हुई हिंसक घटनाओं के बाद ओली ने पद छोड़ दिया था, और सेना ने उन्हें हेलिकॉप्टर से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था।

प्रधानमंत्री कार्की और नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत
नेपाल की नई पीएम सुशीला कार्की और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच गुरुवार को टेलीफोन पर बातचीत हुई। यह उनकी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष से की गई पहली बातचीत थी। दोनों नेताओं ने भारत-नेपाल के संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
नरेंद्र मोदी ने X (Twitter) पर लिखा,
“नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की से मेरी मुलाकात बहुत ही गर्मजोशी से हुई। हाल ही में नेपाल में हुई दुखद घटनाओं पर मैंने गहरी संवेदना प्रकट की। शांति और स्थिरता बहाल करने के उनके प्रयासों में भारत पूरी तरह नेपाल के साथ खड़ा है।
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