Neck Hump Yoga Exercises: आजकल लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप पर झुके रहने की आदत से शरीर का पॉश्चर तेजी से खराब हो रहा है। इसका सबसे बड़ा असर गर्दन पर दिखाई देता है, जहां Neck Hump या गर्दन का कूबड़ बनने लगता है। इसे चिकित्सा भाषा में डोवगेर्स हंप कहा जाता है। यह सिर्फ दिखने में खराब नहीं लगता, बल्कि दर्द, अकड़न, नसों पर दबाव और आगे चलकर रीढ़ की हड्डी पर असर भी डाल सकता है।
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अगर आपकी गर्दन के पीछे भी उभार बनने लगा है, तो योगासन इसमें बड़ी राहत दे सकते हैं।
क्या होता है Neck Hump?
गर्दन के पिछले हिस्से पर चर्बी या हड्डी के पास उभार बढ़ने को Neck Hump कहा जाता है। यह सिर के लगातार आगे झुकने से बनता है, जिससे रीढ़ की ऊपरी हड्डियां सीधी न रहकर गोल होने लगती हैं। समय के साथ यह उभार बढ़ता जाता है।

गर्दन पर कूबड़ बनने के कारण…
खराब मुद्रा (Poor Posture)
सबसे बड़ा कारण है बार-बार सिर को झुकाकर मोबाइल देखना, लैपटॉप पर आगे झुककर काम करना और लंबे समय तक गलत पोज में बैठना।
मांसपेशियों का असंतुलन…
कमजोर पीठ और गर्दन की मांसपेशियां तथा टाइट चेस्ट मसल्स Neck Hump को बढ़ाते हैं।
बैठे रहने की जीवनशैली…
शारीरिक गतिविधि की कमी, दिनभर एक ही जगह बैठना, एक्सरसाइज न करना।
बर्थ कंडीशंस या मेडिकल कारण…
स्क्यूरमैन रोग, हार्मोनल असंतुलन, ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्थितियाँ भी कारण हो सकती हैं।

क्या Neck Hump से छुटकारा मिल सकता है?
हां—शुरुआती स्थिति में यह पूरी तरह ठीक हो सकता है। नियमित योगासन, स्ट्रेचिंग और पॉश्चर सुधारने से यह उभार धीरे-धीरे कम होने लगता है।
Neck Hump ठीक करने वाले 5 प्रभावी योगासन…
1. अर्ध मत्स्येंद्रासन
यह ट्विस्ट पोज रीढ़ की हड्डी को टोन करता है, ऊपर की पीठ का तनाव कम करता है और गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव लाता है।
कैसे करें:-
जमीन पर बैठकर एक पैर मोड़ें। दूसरा पैर क्रॉस करके उसके बाहर की तरफ रखें। धड़ को क्रॉस वाले पैर की ओर मोड़ें। 20–30 सेकंड रुकें, फिर दूसरी तरफ करें।

2. सेतु बंधासन
यह आसन गर्दन, कंधे और रीढ़ की मांसपेशियों को मजबूती देता है। झुकाव कम करता है और पॉश्चर सुधारता है।
कैसे करें:-
पीठ के बल लेटें, घुटने मोड़ें। पैरों को जमीन पर टिकाकर कूल्हों को ऊपर उठाएं। हाथों को जमीन पर दबाकर 15–20 सेकंड रुकें।

3. भुजंगासन
यह आसन गर्दन की झुकी हुई मुद्रा को ठीक करता है और ऊपरी रीढ़ को नैचुरल शेप में लाता है।
कैसे करें:-
पेट के बल लेटकर हथेलियां कंधों के नीचे रखें। धीरे-धीरे छाती को ऊपर उठाएं। सिर को ऊपर रखते हुए गहरी सांस लें और छोड़ें।

4. बालासन
Neck Hump की शुरुआत में यह आसन सबसे ज्यादा राहत देता है। तनाव और अकड़न तुरंत कम होती है।
कैसे करें:-
जमीन पर घुटनों के बल बैठकर एड़ियों पर बैठें। माथा चटाई पर रखें और हाथ आगे की ओर फैलाएं। 30–40 सेकंड तक इस अवस्था में रहें।

5. मार्जारी-बितिलासन
इसे कैट-काउ पोज भी कहते हैं। यह रीढ़ की हर कड़ी को सक्रिय करता है और कूबड़ को प्राकृतिक रूप से कम करता है।
कैसे करें:-
घुटनों के बल खड़े होकर हाथों को कंधे के नीचे रखें। सांस लेते समय पीठ को नीचे झुकाएं और ऊपर देखें (काउ पोज)। सांस छोड़ते समय पीठ को गोल करें और ठोड़ी छाती की ओर लाएं (कैट पोज)। 10–12 बार दोहराएं।

Neck Hump में योग के फायदे…
1. खराब पॉश्चर को ठीक करता है।
2. गर्दन और ऊपरी पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
3. रीढ़ की नैचुरल शेप वापस लाता है।
4. दर्द, stiffness और सूजन में आराम देता है।
5. शरीर में खून का संचार बढ़ाकर healing तेज करता है।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
अगर Neck Hump—
1. बहुत तेजी से बढ़ रहा हो
2. दर्द लगातार बना रहे
3. हाथ-कंधे में सुन्नपन आए या चोट के बाद दिक्कत शुरू हुई हो
4. डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से जांच जरूर कराएं।
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