Bihar NDA Seat Sharing Controversy: बिहार की राजनीति में सीट शेयरिंग को लेकर एक बार फिर एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के भीतर हलचल मची हुई है। भले ही सीटों का बंटवारा तय हो गया हो, लेकिन सहयोगी दलों के बीच खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही। कहलगांव और काराकाट सीटों को लेकर जदयू और बीजेपी के बीच मतभेद उभरकर सामने आए हैं।
कहलगांव सीट पर विरोध और इस्तीफा
सीट बंटवारे के ऐलान के बाद कहलगांव सीट पर सबसे बड़ा विवाद देखने को मिला। भागलपुर के सांसद अजय मंडल ने इस सीट को लेकर नाराजगी जताई और अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भेज दिया। उनके इस कदम से जदयू और बीजेपी दोनों में हलचल मच गई।

अजय मंडल का कहना है कि
विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के समय उनकी कोई सलाह नहीं ली गई। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा — मुझसे बिना चर्चा किए उम्मीदवार तय किए जा रहे हैं। इसलिए मैं अपने पद से इस्तीफा देता हूं।
अजय मंडल के इस्तीफे के बाद बीजेपी ने कहलगांव सीट जदयू के लिए छोड़ दी। इसके साथ ही काराकाट सीट भी बीजेपी ने जदयू के खाते में दे दी है। यानी अब कहलगांव और काराकाट दोनों सीटें जदयू के हिस्से में हैं।
आदरणीय मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar जी, सांसद पद से त्यागपत्र देने हेतु अनुमति प्रदान कीजिए।
स्थानीय सांसद होने के बावजूद टिकट देने में मेरी किसी भी प्रकार की सलाह नहीं ली गई है। इसलिए मेरा सांसद पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है।@ZeeNews @ZeeNewsBihar @aajtak pic.twitter.com/STEjQOYsfr
— Ajay Kumar Mandal (अजय कुमार मंडल) (@AjayMandalMPbgp) October 14, 2025
Bihar NDA Seat Sharing Controversy: नीतीश कुमार नाराज
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीट बंटवारे को लेकर खासे नाराज हैं। बताया जा रहा है कि एनडीए के भीतर 9 सीटों को लेकर जदयू संतुष्ट नहीं है। जदयू ने बीजेपी से इन सीटों पर पुनर्विचार की मांग की है।
नीतीश कुमार का मानना है कि कुछ सीटें ऐसी हैं जहां जदयू की स्थिति मजबूत है, लेकिन उन्हें बीजेपी या अन्य सहयोगी दलों को दे दिया गया। इसी वजह से उन्होंने शीर्ष नेतृत्व से इस मसले पर बात की है।
CM हाउस में 2 घंटे चली अहम बैठक
विवाद बढ़ता देख मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीएम हाउस में 2 घंटे लंबी बैठक बुलाई। बैठक में जदयू के वरिष्ठ नेता संजय झा, ललन सिंह और विजय चौधरी मौजूद रहे।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सीट बंटवारे को लेकर नेताओं ने अपनी राय रखी। मुख्यमंत्री ने सभी से फीडबैक लिया और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत कर जल्द समाधान निकालने की बात कही।
बैठक के बाद भी विवाद थमने के बजाय और गहराता दिख रहा है। जदयू के कई स्थानीय नेताओं ने खुलकर असंतोष जाहिर किया है।
NDA के नेताओं की सोशल मीडिया पोस्ट
सीट शेयरिंग के विवाद के बीच एनडीए के बड़े नेताओं ने सोशल मीडिया पर एक जैसी पोस्ट शेयर की है।
इस पोस्ट में लिखा है —
एनडीए दलों में सीट संख्या का विषय सौहार्दपूर्ण बातचीत में पूरा हो चुका है। कौन दल किस सीट पर लड़ेगा यह चर्चा भी सकारात्मक बातचीत के साथ अंतिम दौर में है।
यह पोस्ट स्पष्ट संकेत देती है कि भले ही अंदरूनी असंतोष मौजूद हो, लेकिन गठबंधन के शीर्ष नेता स्थिति को नियंत्रण में दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
JDU–LJP (R) में टकराव
सीट शेयरिंग की इस कवायद में सिर्फ बीजेपी और जदयू ही नहीं, बल्कि जदयू और एलजेपी (रामविलास) गुट के बीच भी तनातनी सामने आई है।
सोनबरसा और राजगीर सीट को लेकर दोनों दलों में मतभेद की खबरें हैं।
जदयू चाहती है कि इन सीटों पर उनके उम्मीदवार उतारे जाएं, जबकि एलजेपी (रामविलास) का दावा है कि यहां उनकी स्थिति मजबूत है। यह टकराव भी गठबंधन के लिए नई चुनौती बन सकता है।

सीएम हाउस के बाहर धरना
सीट बंटवारे के बीच जदयू के अंदर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। जदयू विधायक गोपाल मंडल टिकट कटने की आशंका से नाराज होकर अपने समर्थकों के साथ सीएम हाउस के बाहर धरने पर बैठ गए।
उन्होंने कहा —
मेरे टिकट को काटने की साजिश की जा रही है। सीएम हाउस में कुछ लोग बैठे हैं जो मुझे बेटिकट करना चाहते हैं।
उनके इस कदम से पार्टी नेतृत्व असहज नजर आया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार ने गोपाल मंडल को शांत कराने के लिए नेताओं को भेजा, लेकिन विधायक ने साफ कहा कि जब तक आश्वासन नहीं मिलता, वे धरने से नहीं हटेंगे।
Bihar NDA Seat Sharing Controversy: डिप्टी सीएम करेंगे नामांकन
इस राजनीतिक हलचल के बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने चुनावी कार्यक्रम का ऐलान कर दिया है। वे तारापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे।
जानकारी के अनुसार, वे 16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे तारापुर के नामांकन कार्यालय में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
बीजेपी संगठन की ओर से इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
