कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों का आत्मसमर्पण लगातार जारी है। मंगलवार को 22 लाख रुपए इनामी 4 नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण किया। इनमें एक नक्सली दंपत्ति भी शामिल है। सरकार ने सरेंडर करने वाले सभी नक्सलियों को 50-50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है।
पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर लौट रहे नक्सली
छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति और एंटी नक्सल ऑपरेशन से प्रभावित होकर नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। सरेंडर करने वाले नक्सली लंबे समय से कोंडागांव, कांकेर, बस्तर, दंतेवाड़ा और मानपुर मोहला क्षेत्रों में सक्रिय थे।
ये नक्सली सुरक्षा बलों पर हमला, ग्रामीणों की हत्या, लूटपाट, शासकीय भवनों को नुकसान, सड़क काटकर मार्ग अवरुद्ध करने, अपहरण और आगजनी जैसी वारदातों में शामिल रहे हैं।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों की पहचान
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लक्ष्मण कोर्राम उर्फ जुन्नू – 30 वर्ष, पिता आयतु, निवासी कोटमेटा थाना पुंगारपाल, मानपुर डिवीजन अन्तर्गत कोतरी एरिया कमेटी प्रभारी, 8 लाख इनामी (डीव्हीसीएम स्तर का नक्सली)
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मड्डो उर्फ जरीना – 25 वर्ष, पत्नी लक्ष्मण कोर्राम, निवासी ग्राम ढंकापारा, जिला बस्तर, 5 लाख इनामी
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पांडूराम – 40 वर्ष, पिता सोमारू राम, निवासी ग्राम राये थाना आमाबेड़ा, जिला कांकेर, 1 लाख इनामी
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सखाराम – 30 वर्ष, पिता मेहत्तर राम, निवासी ग्राम छोटे ओड़ागांव थाना धनोरा, जिला कोंडागांव, 8 लाख इनामी
सुरक्षित जीवन की चाहत
सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने कहा कि वे अब समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर सुरक्षित और सम्मानजनक पारिवारिक जीवन जीना चाहते हैं। सरकार ने उन्हें पुनर्वास योजना का लाभ देने का आश्वासन दिया है।
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