छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्कूल परिसर में बने नक्सली स्मारक पर तिरंगा फहराने पर युवक को नक्सलियों ने मार डाला। जनअदालत में उसे मौत की सजा सुनाई गई। नक्सलियों ने युवक पर पुलिस मुखबिरी का भी आरोप लगाया। वहीं गुरुवार को युवक के तिरंगा फहराने का वीडियो सामने आया था। यह मामला परतापुर थाना क्षेत्र का है।
तिरंगा फहराने वाले युवक को मौत की सजा
जानकारी के मुताबिक, मनेश नुरूटी ग्राम बिनागुंडा का रहने वाला था। 15 अगस्त को उसने ग्रामीणों के साथ नक्सली स्मारक पर तिरंगा फहराया था। 16 अगस्त को नक्सलियों ने जनअदालत में उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। 17 अगस्त को बैनर लगाकर मुखबिरी की बात कही थी।

बैनर लगाकर धमकाया
नक्सलियों ने बैनर में लिखा कि सरपंच रामजी धुर्वा ने डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) जवानों और टीआई के साथ मिलकर कई लोगों को अपने साथ जोड़ा।उन्होंने इलाके की गुप्त सूचना देकर मुठभेड़ करवाई। बिनागुंडा मुठभेड़ के लिए बैजू नरेटी को जिम्मेदार ठहराते हुए नक्सलियों ने उसे भी धमकी दी है।SP आई के एलिसेला ने बताया कि मनेश नुरेटी की हत्या की गई है, जिसे लेकर नक्सलियों ने 17 अगस्त को बैनर लगाया है। हत्या की वजह मुखबिरी बताया गया है।साथ ही स्कूल में झंडा फहराने का वीडियो भी सामने आया है। तिरंगा फहराने की वजह से भी हत्या की बात कही जा रही है। फिलहाल, इसकी जांच की जा रही है।
2 महीने पहले बीजापुर में ग्रामीणों की हत्या
2 महीने पहले बीजापुर जिले में नक्सलियों ने 2 ग्रामीणों की हत्या कर दी। इनमें एक सरेंडर नक्सली भी शामिल था। नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के शक पर इनकी जान ली है। मामला पामेड़ थाना क्षेत्र का है।मृतकों का नाम समैय्या और वेको देवा है। समैय्या पहले नक्सली था। उसने 2025 में आत्मसमर्पण किया था। वहीं वेको देवा ग्रामीण है। दोनों नक्सल प्रभावित गांव सेंड्राबोर और एमपुर के रहने वाले थे।
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