
शांति का संदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि समाज और राष्ट्र को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए आध्यात्मिक चेतना, नैतिकता और मूल्य आधारित नेतृत्व अत्यंत आवश्यक हैं। जैन समाज ने सदियों से भारतीय संस्कृति, सभ्यता और सामाजिक मूल्यों को समृद्ध करने में अहम भूमिका निभाई है। अहिंसा, करुणा, सत्य और आत्मअनुशासन के सिद्धांतों ने न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व को शांति और सह-अस्तित्व का संदेश दिया। उन्होंने भगवान महावीर की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘जियो और जीने दो’ का सिद्धांत आज भी वैश्विक समाज के लिए संबंध है।
‘विकसित भारत 2047‘ लक्ष्य
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ‘विकसित भारत 2047‘ के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। साल 2014 में भारत की अर्थव्यवस्था विश्व में 11वें स्थान पर थी, जो आज चौथे स्थान पर पहुंच गई है और जल्द ही तीसरे स्थान हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि जैन समाज का देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी योगदान रहा है। साथ ही, सामाजिक क्षेत्र में भी समाज ने अनुकरणीय कार्य किए हैं।
Navkar Mahamantra Divas 2.0: वकार महामंत्र दिवस 2.0
मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि नवकार महामंत्र दिवस 2.0 का शुभ कार्यक्रम है। नवकार महामंत्र केवल जैन धर्म का मंत्र नहीं है, बल्कि यह मानवता को अहिंसा, करुणा, ज्ञान एवं आत्मशुद्धि का मार्ग दिखाने वाला सार्वभौमिक संदेश है। उन्होंने नवकार महामंत्र की दिव्य ऊर्जा से विश्व में शांति, सद्भाव एवं कल्याण का मार्ग प्रशस्त होने की मंगलकामना की।
