डबरा में जिस नवग्रह शक्तिपीठ की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सुबह से उत्साह और आस्था का माहौल था, वही कुछ ही देर में अफरा-तफरी और मातम में बदल गया। मंगलवार को निकाली जाने वाली भव्य कलश यात्रा के दौरान अचानक मची भगदड़ में एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची सहित चार महिलाएं घायल हो गईं। घायलों को इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है।
नवग्रह शक्तिपीठ में पहला दिन ही भारी पड़ा
ग्वालियर जिले के डबरा में करीब 12 एकड़ क्षेत्र में बने नवग्रह शक्तिपीठ मंदिर में मंगलवार से दस दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह की शुरुआत होनी थी। आयोजन की शुरुआत विशाल कलश यात्रा से की जानी थी, जिसमें आयोजकों का दावा था कि 21 हजार से अधिक महिलाएं शामिल होंगी।
कलश वितरण के दौरान बढ़ी भीड़
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कलश यात्रा से पहले स्टेडियम ग्राउंड में महिलाओं को कलश वितरित किए जा रहे थे। इसी दौरान वहां अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ के दबाव में कुछ महिलाएं संतुलन नहीं बना पाईं और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात कुछ ही मिनटों में बिगड़ गए।
भगदड़ में महिला की मौत, कई घायल
भगदड़ के दौरान एक महिला की मौके पर ही हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। एक बच्ची और चार अन्य महिलाएं घायल हो गईं। घायलों को पहले डबरा के अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया.घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। कुछ देर के लिए कार्यक्रम रोक दिया गया।
नरोत्तम मिश्रा हैं मुख्य यजमान
इस पूरे आयोजन के मुख्य यजमान पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा हैं। कार्यक्रम के तहत देश के कई बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक नाम शामिल होने हैं।
आयोजन के अनुसार
तय कार्यक्रम इस तरह है
- 11 से 13 फरवरी: पं. प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) की शिव महापुराण कथा
- 14 से 16 फरवरी: कवि कुमार विश्वास की प्रस्तुति अपने-अपने राम
- 17 से 20 फरवरी: बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा और दिव्य दरबार
इसके अलावा दाती महाराज पूरे दस दिन विशेष साधना करेंगे। नौ मंजिला यज्ञशाला में प्रतिदिन प्रत्येक ग्रह देवता के लिए एक-एक लाख आहुतियां देने की योजना है। संत बद्रीश जी महाराज और 70 उपासकों की टीम विधि-विधान से पूजा कराएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद मृतक महिला के परिजनों और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के बावजूद भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। एम्बुलेंस और मेडिकल टीम की उपलब्धता को लेकर भी नाराजगी देखने को मिली.चफिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है। धार्मिक आस्था के इस बड़े आयोजन में हुआ यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि भीड़ प्रबंधन में जरा सी चूक कितनी भारी पड़ सकती है।
