nato summit defense spending : NATO समिट का महत्व और मौजूदा स्थिति
nato summit defense spending: नीदरलैंड के द हेग में 24–25 जून को NATO की सबसे अहम बैठक हो रही है। यह समिट इस समय मध्य-पूर्व में जारी तनाव और हालिया ईरान–इज़राइल सीज़फायर की पृष्ठभूमि में आयोजित हो रही है।
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ट्रम्प का 5% GDP का प्रस्ताव
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस समिट में यूरोपीय देशों से आग्रह कर रहे हैं कि वे अपनी GDP का 5% रक्षा पर खर्च करें जबकि वे वर्तमान में करीब 2% ही खर्च करते हैं । ट्रम्प का तर्क है कि अमेरिका बहुत अधिक योगदान दे रहा है और यूरोप अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा।
यूरोपीय देशों का विरोध
- स्पेन: प्रधानमंत्री सांचेज़ की सरकार ने 5% का लक्ष्य अस्वीकार कर दिया और कहा कि वह इस वर्ष एकरूप 2.1% तक ही रक्षा खर्च बढ़ा सकती है ।
- फ्रांस, इटली, कनाडा और बेल्जियम ने भी इस प्रस्ताव का खुलकर विरोध किया और इसे “असहनीय” बताया ।
नया समझौता‑प्रस्ताव: 3.5% + 1.5%
NATO महासचिव मार्क रूटे ने समिट से पहले एक मध्यम रास्ता प्रस्तावित किया, जिसके अनुसार
- 3.5% सीधे रक्षा पर, और
- 1.5% अन्य सुरक्षा-संबंधित खर्चों पर जैसे साइबर, अवसंरचना ।
इस मॉडल पर कई पूर्वी यूरोपीय देश जैसे पोलैंड, एस्टोनिया, लिथुआनिया सहमत हैं, लेकिन बड़े सदस्य देशों की स्थिति अभी भी अस्पष्ट है ।
Article 5 विवाद और ट्रम्प की धमकी
ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि वे NATO की Article 5 एक-दूसरे की रक्षा का वादा पर समर्थन तभी देंगे जब अमेरिका के योगदान को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने कहा कि यह “आपकी परिभाषा पर निर्भर करता है। इससे सम्मेलन में अनिश्चय की स्थिति पैदा हो गई।
समिट की घटनाएँ और पृष्ठभूमि
- नीदरलैंड के किंग विलेम‑अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा ने НАТО नेताओं के लिए आदर भोज रखा।
- कई सदस्य देशों ने रूस और यूक्रेन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा स्थगित रखी ताकि ट्रम्प से टकराव न बढ़े।
- यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की को मुख्य सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किया गया बल्कि पूर्व-सम्मेलन डिनर में बुलाया गया ।
यूरोप का जवाब और भविष्य का रास्ता
- रूटे का कहना है कि अधिकांश सदस्य देशों ने 3.5% + 1.5% मॉडल का समर्थन किया है लेकिन इसे 2032 तक लागू करने का समय दिया गया है ।
- स्पेन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस योजना में शामिल नहीं होगा, लेकिन 2% का लक्ष्य पूरा करेगा जिस पर उसे देश की आंतरिक राजनीति और आर्थिक दबाव मोहताज़ हैं ।
- इटली और कनाडा ने भी चेतावनी दी है कि उनकी आर्थिक क्षमता और सार्वजनिक सहमति सीमित है, उन्हें भी समय चाहिए होगी ।
आगे क्या?
NATO समिट अब ट्रम्प–यूरोप विभाजन की परीक्षा बन गया है। ट्रम्प चाहते हैं यूरोपीय राज्यों को अपना रक्षा खर्च तुरंत बढ़ाना चाहिए, जबकि यूरोप कहता है “हमें समय दीजिए और हमारी आर्थिक सीमाएं ध्यान में रखिए।” Article 5 को लेकर ट्रम्प की असमंजसपूर्ण टिप्पणी ने सबको चिंतित कर दिया है।
आगामी समय में:
- क्या समिट में संयुक्त घोषणा होगी?
- Article 5 को लेकर स्पष्टता मिलेगा?
- और क्या यूरोप जिस आर्थिक ढांचे में सक्सेसफुल ढंग से 5% तक खर्च बढ़ा सकता है, वो समझौता बनने वाला है?
इन सवालों के जवाब के लिए दुनिया की निगाहें द हेग पर टिकी हुई हैं यह समिट भविष्य के ट्रांसअटलांटिक गठबंधन की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।
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