बिहार वोटर लिस्ट जांच: अब बिहार की तरह पूरे देश में होगी वोटर लिस्ट की जांच, चुनाव आयोग कर रहा तैयारी
बिहार वोटर लिस्ट जांच: नई दिल्ली/पटना: देशभर में जल्द ही वोटर लिस्ट की गहराई से जांच (Special Intensive Revision – SIR) शुरू हो सकती है। बिहार में इसकी शुरुआत पहले ही हो चुकी है और अब चुनाव आयोग (Election Commission) इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की तैयारी में है।
आयोग की मानें तो सुप्रीम कोर्ट में 28 जुलाई 2025 को होने वाली सुनवाई के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अगर कोर्ट से हरी झंडी मिलती है, तो अगस्त 2025 से देशभर में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया आरंभ हो सकती है।
क्या है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन एक विशेष प्रक्रिया होती है, जिसमें मतदाता सूचियों की घर-घर जाकर गहन जांच की जाती है। इसमें देखा जाता है कि वोटर लिस्ट में कोई फर्जी, मृत, दोहराया गया या विदेशी नागरिक तो नहीं है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि योग्य मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज हैं या नहीं।
इससे पहले बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड जैसे राज्यों में यह प्रक्रिया पहले भी की जा चुकी है। उदाहरण के तौर पर, दिल्ली में 2008, और उत्तराखंड में 2006 में आखिरी बार SIR हुआ था।
बिहार वोटर लिस्ट जांच: बिहार में विदेशी नागरिकों के नाम मिलने से बढ़ी चिंता
बिहार में चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान नेपाली, बांग्लादेशी और म्यांमार से आए लोगों के नाम वोटर लिस्ट में पाए गए हैं, जो कि भारतीय लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया के लिए खतरे की घंटी हैं।
चुनाव आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक,
“हमने घर-घर जाकर जब सत्यापन किया तो बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक मिले जो खुद को भारतीय वोटर बता रहे थे। ये नाम 1 अगस्त से शुरू होने वाली जांच के दौरान हटाए जाएंगे, और 30 सितंबर 2025 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।”
SC की अगली सुनवाई पर टिका है देशभर की प्रक्रिया का फैसला
हालांकि इस प्रक्रिया को लेकर कुछ विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनका मानना है कि SIR के बहाने कुछ समुदायों को टारगेट किया जा सकता है, जिससे योग्य नागरिक भी मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।
10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल बिहार में SIR प्रक्रिया जारी रखने की इजाजत दी थी, लेकिन अंतिम सुनवाई 28 जुलाई को होगी। उसी दिन तय होगा कि EC देशभर में इसे लागू कर सकेगा या नहीं।
क्यों जरूरी है वोटर लिस्ट की सफाई?
भारत में मतदाता सूची में गड़बड़ियों के कई मामले सामने आते रहे हैं —
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एक ही व्यक्ति के नाम दो जगह
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मृत लोगों के नाम बरकरार
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फर्जी दस्तावेज़ पर वोटर ID बनवाना
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प्रवासी या विदेशी नागरिकों का अवैध नामांकन
SIR जैसे अभियान इसलिए ज़रूरी हैं ताकि भारत के लोकतंत्र की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी रहे। यह विशेष रूप से 2026 के विधानसभा चुनावों और 2029 के आम चुनाव से पहले ज़रूरी कदम माना जा रहा है।
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