आगरा का ताजमहल करीब 373 साल पुराना हो चुका है। दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारतों में शामिल इस स्मारक के रॉयल गेट के पत्थर अब दरकने लगे हैं। दरवाजे की दीवारों में कई जगह दरारें आ गई। कुछ पत्थर अपनी जगह से खिसक गए हैं।
आंधी-बारिश भी नहीं झेल पा रहा ताज
ताज महल का शाही गेट अब आंधी और बारिश भी नहीं झेल पा रहा। पिछले महीने आंधी-बारिश के दौरान 2 बार गेट के पत्थर टूटकर गिर चुके हैं। ये पत्थर मुगलकाल के हैं। इससे पहले भी ताजमहल के कई हिस्सों में पत्थर और जालियां टूट चुकी हैं। मुख्य मकबरे के पीछे यमुना नदी की तरफ लगी रेलिंग भी तेज बारिश और आंधी नहीं झेल पाई। साल 2020 में यह रेलिंग भी गिर गई थी।

शाही दरवाजा हुआ जर्जर
ताजमहल का रॉयल गेट यानी शाही दरवाजा जर्जर हो चुका है। कई जगहों से पत्थर अपनी जगह छोड़ चुके हैं। दीवारों में दरारें नजर आने लगी है। पत्थर इतने पुराने हो गए हैं कि वे उखड़कर गिरने लगे हैं। लाल पत्थर से बने रॉयल गेट में नक्काशी के लिए लगाए गए सफेद और काले पत्थर भी लगातार निकल रहे हैं। कई जगह पत्थर झड़ने से दीवारों में गैप बन गया है।